शौच जाने की इच्छा को न करें नजरअंदाज
कब्ज से बचने के लिए सबसे जरूरी आदतों में से एक है शरीर के संकेतों को समझना। सुबह उठने के बाद अगर शौच जाने की इच्छा होती है तो उसे बार बार टालने से बचना चाहिए। लगातार ऐसा करने से मल त्याग की नियमित दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। रोजाना एक निश्चित समय पर टॉयलेट जाने की कोशिश करें और जल्दबाजी करने के बजाय शरीर को पर्याप्त समय दें। हालांकि टॉयलेट में बहुत देर तक बैठे रहना और जरूरत से ज्यादा जोर लगाना भी सही नहीं है। इससे बवासीर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
सुबह पानी पिएं और दिनभर रहें हाइड्रेटेड
शरीर में पानी की कमी होने पर मल कठोर हो सकता है जिससे उसे बाहर निकालने में परेशानी होती है। सुबह उठकर पानी पीने की आदत शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती है। इसके साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। केवल सुबह पानी पी लेने से कब्ज दूर होने की गारंटी नहीं होती बल्कि पानी के साथ संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। जिन लोगों को डॉक्टर ने किसी बीमारी के कारण पानी सीमित मात्रा में पीने की सलाह दी है उन्हें उसी निर्देश का पालन करना चाहिए।
भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं
कब्ज से राहत पाने के लिए डाइट में फाइबर शामिल करना बेहद उपयोगी हो सकता है। फाइबर मल को पर्याप्त मात्रा देने और मल त्याग को आसान बनाने में मदद करता है। इसके लिए पपीता नाशपाती सेब और अमरूद जैसे फल खाए जा सकते हैं। पालक गाजर मटर और दूसरी हरी सब्जियां भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा ओट्स दलिया साबुत अनाज की रोटी चना राजमा और मूंग दाल को भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं। इससे गैस और पेट फूलने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
सुबह की सैर को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी कब्ज की समस्या से जुड़ी हो सकती है। रोजाना सुबह 15 से 30 मिनट तक टहलना पाचन और मल त्याग की नियमितता में मदद कर सकता है। यदि सुबह समय नहीं मिलता तो दिन के किसी अन्य समय पर भी पैदल चलने या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करने की आदत डालें। नियमित गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
कब्ज होने पर किन बातों का रखें ध्यान
कब्ज की समस्या होने पर भोजन का समय नियमित रखें और फास्ट फूड के बजाय फाइबर युक्त संतुलित आहार को प्राथमिकता दें। पर्याप्त नींद लें और टॉयलेट की इच्छा को अनदेखा न करें। हर व्यक्ति की शौच की सामान्य दिनचर्या अलग हो सकती है इसलिए रोजाना सुबह पेट साफ न होना अपने आप में बीमारी का प्रमाण नहीं है। परेशानी कितने समय से है और मल त्याग में कितनी दिक्कत होती है इस पर भी ध्यान देना जरूरी है।
अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ मल में खून आना तेज पेट दर्द उल्टी पेट में बहुत अधिक सूजन या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। कब्ज दूर करने वाली दवाओं का लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह इस्तेमाल करने से बचें। सही खानपान पर्याप्त पानी नियमित गतिविधि और समय पर शौच जाने की आदत से कई लोगों को कब्ज से राहत पाने में मदद मिल सकती है।
