रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp के iOS बीटा वर्जन 26.34.10.70 में कुछ TestFlight यूजर्स को AI Content Label से जुड़ा विकल्प दिखाई दे रहा है। इस फीचर का इस्तेमाल खास तौर पर WhatsApp चैनल के एडमिन कर सकेंगे। अगर किसी चैनल अपडेट में ऐसी फोटो वीडियो या अन्य मीडिया सामग्री इस्तेमाल की गई है जिसे AI की मदद से बनाया या बदला गया है तो एडमिन उस पोस्ट पर AI Content Label लगा सकेगा। इससे पोस्ट देखने वाले लोगों को यह समझने में आसानी होगी कि सामने मौजूद मीडिया पूरी तरह वास्तविक नहीं है बल्कि उसमें AI का इस्तेमाल हुआ है।
इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए चैनल एडमिन को किसी अपडेट के Context Menu में जाकर AI Content Label का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद लेबल को कन्फर्म करना होगा। खास बात यह है कि एक बार किसी पोस्ट पर AI Content Label जोड़ दिए जाने के बाद उसे हटाने का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। इससे यह संकेत मिलता है कि WhatsApp इस लेबल को कंटेंट की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थायी तौर पर जोड़ना चाहता है।
हालांकि अभी यह फीचर शुरुआती टेस्टिंग चरण में है और हर iPhone यूजर को इसका एक्सेस नहीं मिला है। WhatsApp ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि AI Content Label फीचर किन देशों में उपलब्ध कराया जाएगा और इसे सभी यूजर्स के लिए कब तक रोलआउट किया जाएगा। ऐसे में अगर किसी यूजर को अपने WhatsApp चैनल में यह विकल्प नजर नहीं आ रहा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि फीचर उसके लिए उपलब्ध नहीं होगा। कंपनी चरणबद्ध तरीके से अलग अलग अकाउंट्स तक इसकी पहुंच बढ़ा सकती है।
AI से तैयार फोटो वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस तरह के लेबल की जरूरत भी तेजी से महसूस की जा रही है। सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड कंटेंट को वास्तविक समझे जाने का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में किसी पोस्ट में AI का इस्तेमाल हुआ है या नहीं इसकी जानकारी मिलने से यूजर्स को कंटेंट को समझने और उस पर भरोसा करने से पहले बेहतर फैसला लेने में मदद मिल सकती है। कुछ देशों में AI से तैयार किए गए कंटेंट के बारे में जानकारी देना जरूरी किए जाने की दिशा में भी नियम बनाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए WhatsApp अपने चैनल इंटरफेस में एडमिन को AI कंटेंट डिस्क्लोजर से जुड़ी जानकारी या बैनर भी दिखा सकता है। अगर यह फीचर बड़े स्तर पर लागू होता है तो WhatsApp पर AI से बने कंटेंट की पहचान और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा सकता है।
