राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर गुलवीर सिंह ने भारत के लिए इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है और भविष्य में भी वे इसी तरह देश के लिए नई सफलताएं हासिल करें, यही शुभकामना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुलवीर सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि गुलवीर की यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित फाइनल मुकाबले में गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर की दौड़ 27 मिनट 49.78 सेकंड में पूरी कर रजत पदक अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27 मिनट 50.28 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में 1 जून 1998 को जन्मे गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। उनका एथलेटिक्स सफर गांव की पगडंडियों और खेतों में दौड़ लगाने से शुरू हुआ था, जब वे सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2018 में भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और देश के शीर्ष धावकों में अपनी पहचान बनाई।
गुलवीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर दौड़ का कांस्य पदक जीतकर बनाई। इसके बाद 2022 एशियाई खेलों में 10,000 मीटर स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया। वर्ष 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर एशिया के शीर्ष लंबी दूरी के धावकों में अपनी मजबूत जगह बनाई।
अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिला यह ऐतिहासिक रजत पदक गुलवीर सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। उनकी इस सफलता ने न केवल भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दी है, बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।
