जरारूधाम पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल, ‘वृक्षमित्र‘ नजीर भाईजान से की आत्मीय मुलाकात, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को बताया समाज के लिए प्रेरणा

दमोह, 09 जुलाई 2026/समाज में वर्षों से निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले व्यक्तियों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। इसी भावना को साकार करते हुए मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को दमोह जिले के मगरोन स्थित जरारूधाम गौ अभयारण्य पहुंचे। यहां उन्होंने गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के क्षेत्र में लंबे समय से समर्पित भाव से कार्य कर रहे ‘वृक्षमित्र‘ नजीर भाईजान के निवास पर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके सेवा कार्यों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।
मंत्री श्री पटेल ने नजीर भाईजान से आत्मीय चर्चा करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा वर्षों से समाज, गौवंश और प्रकृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग किसी पुरस्कार या प्रचार के लिए नहीं, बल्कि मानवता और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यबोध के कारण सेवा करते हैं। यही लोग वास्तव में समाज की सबसे बड़ी पूंजी और प्रेरणा होते हैं।
उन्होंने कहा कि आज जब पर्यावरण संरक्षण पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है, तब नजीर भाईजान जैसे लोग अपने जीवन से यह संदेश दे रहे हैं कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक वृक्ष लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनना चाहिए।
मंत्री श्री पटेल ने गौसेवा के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश का विशेष स्थान है। गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। जरारूधाम में वर्षों से जिस समर्पण के साथ गौसेवा का कार्य किया जा रहा है, वह समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि समाज के मौन कर्मयोगियों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। ऐसे लोग बिना किसी अपेक्षा के सेवा के कार्य करते हैं और अपने कर्मों से समाज को नई दिशा देते हैं। उनके समर्पण और त्याग से ही सेवा, संवेदना और जनकल्याण की भावना मजबूत होती है। सरकार और समाज दोनों का दायित्व है कि ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान करें और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग प्रदान करें।
इस अवसर पर पंचायत मंत्री ने नजीर भाईजान के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करते हुए उन्हें आर्थिक सहयोग राशि भी प्रदान की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार समाज, पर्यावरण और गौसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले समर्पित व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ सदैव खड़ी रहेगी तथा ऐसे प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुलाकात के दौरान उपस्थित लोगों ने भी नजीर भाईजान के सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपने जीवन को समाज और प्रकृति की सेवा के लिए समर्पित कर एक मिसाल कायम की है। वर्षों से हजारों पौधों का रोपण, उनका संरक्षण, गौवंश की सेवा तथा पर्यावरण के प्रति जनजागरण के माध्यम से उन्होंने समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है।
जरारूधाम में हुई यह आत्मीय मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं रही, बल्कि समाज में निस्वार्थ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं के प्रति सम्मान का संदेश देने वाली प्रेरणादायी पहल साबित हुई। मंत्री प्रहलाद पटेल की यह पहल इस बात का संकेत है कि शासन उन लोगों के योगदान को महत्व देता है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाजहित में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान निश्चित रूप से समाज में सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित करेगा।
