भारत में 112 राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर है जो पुलिस एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना अपराध आगजनी या किसी अन्य आपात स्थिति में फंस जाता है तो वह इसी नंबर पर संपर्क कर सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए फोन में सक्रिय सिम कार्ड होना जरूरी नहीं होता।
दरअसल मोबाइल फोन को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह आपातकालीन नंबरों के लिए विशेष व्यवस्था का पालन करे। जब कोई व्यक्ति 112 डायल करता है तो फोन अपने आसपास उपलब्ध किसी भी मोबाइल नेटवर्क टावर से कनेक्ट होने की कोशिश करता है। यह जरूरी नहीं कि वह उसी कंपनी का टावर हो जिसकी सिम फोन में लगी हो। यदि आसपास किसी दूसरी कंपनी का नेटवर्क उपलब्ध है तो उसी के माध्यम से इमरजेंसी कॉल कनेक्ट हो जाती है। यही वजह है कि बिना सिम कार्ड या अपने नेटवर्क के भी 112 पर कॉल लग सकती है बशर्ते आसपास किसी भी मोबाइल नेटवर्क का सिग्नल उपलब्ध हो।
आज अधिकांश स्मार्टफोन में लॉक स्क्रीन पर भी इमरजेंसी कॉल का विकल्प दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि फोन लॉक हो और पासकोड याद न हो तब भी जरूरत पड़ने पर कोई भी व्यक्ति तुरंत 112 पर कॉल कर सके। कई स्मार्टफोन में पावर बटन को लगातार कई बार दबाने पर एसओएस सुविधा सक्रिय हो जाती है और इमरजेंसी कॉल शुरू हो सकती है। कुछ फोन आपातकालीन संपर्कों को संदेश भेजने और लोकेशन साझा करने जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं।
भारत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए 112 इंडिया ऐप भी उपलब्ध कराया है। इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता संकट की स्थिति में एक टैप से एसओएस अलर्ट भेज सकता है। कई मामलों में ऐप लोकेशन की जानकारी भी संबंधित नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने में मदद करता है जिससे राहत दल जल्दी मौके पर पहुंच सके।
जब 112 पर कॉल की जाती है तो वह सीधे इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर तक पहुंचती है। वहां मौजूद प्रशिक्षित ऑपरेटर कॉल करने वाले से स्थिति की जानकारी लेते हैं और जरूरत के अनुसार पुलिस एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना भेजते हैं। आधुनिक तकनीक की मदद से कॉल की अनुमानित लोकेशन का पता लगाने का प्रयास भी किया जाता है ताकि सहायता समय पर पहुंच सके।
हालांकि इस सुविधा का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए। फर्जी कॉल या मजाक के लिए इमरजेंसी नंबर का इस्तेमाल करने से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचने में देरी हो सकती है और कई मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
मोबाइल तकनीक की यह विशेष व्यवस्था हर नागरिक की सुरक्षा के लिए बनाई गई है। इसलिए यदि कभी आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति संकट में हो तो घबराने के बजाय तुरंत 112 पर संपर्क करें। यह एक ऐसी सुविधा है जो बिना सिम कार्ड और बिना बैलेंस के भी जरूरत की घड़ी में आपकी मदद तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती है।
