जनरल परेड में जवानों को भीड़ नियंत्रण का कराया व्यावहारिक प्रशिक्षण, रस्साकसी प्रतियोगिता से बढ़ाया टीमवर्क, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

दमोह /पुलिस को अधिक अनुशासित, दक्ष, फिट और हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार बनाने की दिशा में मंगलवार को पुलिस लाइन दमोह में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (आईपीएस) के नेतृत्व में जनरल परेड का आयोजन किया गया। परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक ने न केवल जवानों की ड्रिल, अनुशासन और शारीरिक दक्षता का निरीक्षण किया, बल्कि उन्हें कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भीड़ नियंत्रण (क्राउड कंट्रोल) का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इसके साथ ही पुलिस बल में आपसी समन्वय और टीम भावना को मजबूत करने के लिए रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित कराई गई तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
सलामी लेकर किया परेड का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि द्वारा परेड की सलामी लेने के साथ हुई। इसके बाद पुलिस लाइन के जवानों ने अनुशासित मार्चपास्ट प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट परेड क्षमता का प्रदर्शन किया। विभिन्न प्लाटूनों द्वारा ड्रिल एवं परेड अभ्यास का प्रदर्शन किया गया, जिसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से देखा और आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि एक अनुशासित पुलिस बल ही जनता के विश्वास को मजबूत करता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समयपालन, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और शारीरिक फिटनेस को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
अनुशासन और फिटनेस पर दिया विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय में पुलिस की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, त्योहारों और बड़े आयोजनों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रत्येक पुलिसकर्मी का शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट रहना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित व्यायाम, परेड एवं ड्रिल अभ्यास करने तथा टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास से ही पुलिस बल की कार्यक्षमता और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होते हैं।
भीड़ नियंत्रण का कराया व्यावहारिक प्रशिक्षण
जनरल परेड के बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने स्वयं जवानों को कानून-व्यवस्था की स्थिति में भीड़ नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा घेरा बनाने, संवेदनशील परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई करने तथा बल के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया।
जवानों को यह भी बताया गया कि किसी भी आंदोलन, धार्मिक आयोजन, जुलूस, धरना-प्रदर्शन अथवा आकस्मिक स्थिति में संयम, धैर्य और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए किस प्रकार स्थिति को नियंत्रित किया जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
रस्साकसी प्रतियोगिता से बढ़ाई टीम भावना
पुलिस बल में आपसी समन्वय, उत्साह और टीमवर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने दो टीमों के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया। प्रतियोगिता में जवानों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक स्वयं मैदान में मौजूद रहे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, नेतृत्व कौशल और टीम भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।
क्वार्टर गार्ड का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर गार्ड का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शस्त्रों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, रख-रखाव और आवश्यक व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, नियमित निरीक्षण तथा सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
जनरल परेड के दौरान अनुशासन, उत्कृष्ट प्रदर्शन, कार्यकुशलता और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान पूरे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाता है और अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
सुनी पुलिस कर्मियों की समस्याएं
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित शाखा प्रभारियों को निर्देशित किया कि पुलिसकर्मियों की लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस कर्मियों के कल्याण और बेहतर कार्य वातावरण के लिए जिला पुलिस प्रशासन हरसंभव प्रयास करता रहेगा।
बेहतर पुलिसिंग की दिशा में नियमित अभ्यास आवश्यक
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, दक्षता, संवेदनशीलता, शारीरिक क्षमता और जनता के प्रति जवाबदेही का संतुलित समन्वय ही एक प्रभावी पुलिस बल की पहचान है। उन्होंने कहा कि नियमित जनरल परेड, प्रशिक्षण, खेल गतिविधियां और समीक्षा बैठकें पुलिस बल को हर परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करती हैं। इसी उद्देश्य से दमोह पुलिस लगातार प्रशिक्षण आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।
