कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सेवारत सैनिक समाजसेवी और नागरिक मौजूद रहे। समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष राय सिंह सेंधव पूर्व मंत्री दीपक जोशी तथा कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले वीर सैनिक विशेष रूप से शामिल हुए। सभी अतिथियों ने मंच से कारगिल युद्ध के इतिहास को याद करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा में जवानों के अदम्य साहस पर गर्व व्यक्त किया।
सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं बल्कि उन वीर सपूतों के अद्वितीय साहस त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है जिन्होंने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों का सामना करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश आज सुरक्षित है तो उसके पीछे हमारे सैनिकों का अथक परिश्रम समर्पण और सर्वोच्च बलिदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला जब पूर्व मंत्री दीपक जोशी देशभक्ति गीतों की धुन पर वीर सैनिकों के साथ उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। सभागृह में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। देशभक्ति गीतों और राष्ट्रगान से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन समर्पण और देशप्रेम हर नागरिक के लिए प्रेरणा है। युवाओं को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध के वीरों के संघर्ष और बलिदान से जुड़े प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया जिससे उपस्थित लोग भावुक हो उठे।
समारोह के अंत में सभी ने एक स्वर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष लगाए। देशभक्ति के नारों से पूरा सभागृह गूंज उठा और कारगिल के वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों के सम्मान का अवसर बना बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना को मजबूत करने का भी संदेश दे गया।
