दमोह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 120 से अधिक साइलेंसर, 50 से ज्यादा हूटर और 20 से अधिक प्रेशर हॉर्न किए गए नष्ट
दमोह। शहर की सड़कों पर तेज आवाज करने वाले मोडिफाइड साइलेंसर, अनधिकृत हूटर और प्रेशर हॉर्न लगाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ दमोह पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। गुरुवार 10 सितंबर को जिला मुख्यालय की वीआईपी रोड पर पुलिस द्वारा जब्त किए गए बड़ी संख्या में मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर और प्रेशर हॉर्न को रोड रोलर चलाकर सार्वजनिक रूप से नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान 120 से अधिक मोडिफाइड साइलेंसर, 50 से अधिक हूटर और 20 से अधिक प्रेशर हॉर्न नष्ट किए गए।
पुलिस की इस कार्रवाई को केवल जब्त उपकरणों को नष्ट करने की प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि वाहन चालकों और विशेष रूप से युवाओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने संदेश दिया कि वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित उपकरणों से छेड़छाड़ कर तेज आवाज वाले मोडिफाइड साइलेंसर लगाना, अनधिकृत हूटर का इस्तेमाल करना अथवा प्रेशर हॉर्न लगाकर सड़क पर ध्वनि प्रदूषण फैलाना अब पुलिस की निगरानी से बाहर नहीं रहेगा।
दमोह शहर में पिछले कुछ समय से मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेष रूप से बुलेट सहित कुछ अन्य दोपहिया वाहनों में कंपनी के मूल साइलेंसर को हटाकर ऐसे मोडिफाइड साइलेंसर लगाए जाते हैं, जिनसे सामान्य साइलेंसर की तुलना में कई गुना अधिक तेज आवाज निकलती है। कई बार ये आवाज अचानक धमाके जैसी प्रतीत होती है, जिससे सड़क पर चलने वाले राहगीरों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी होती है।

युवाओं में बढ़ता चलन, पुलिस की बढ़ी निगरानी
वाहनों को आकर्षक और अलग दिखाने के लिए उनमें तरह-तरह के बदलाव करने का चलन युवाओं में बढ़ा है। इसी क्रम में कुछ वाहन चालक अपने दोपहिया वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं। इसके बाद सड़क पर वाहन चलाते समय तेज आवाज निकालना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।
पुलिस के सामने चुनौती केवल यातायात व्यवस्था बनाए रखने की नहीं, बल्कि शहर में अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए दमोह पुलिस द्वारा ऐसे वाहनों और उनमें लगाए गए नियम विरुद्ध उपकरणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।

वीआईपी रोड पर पहली बार बड़े पैमाने पर कार्रवाई
गुरुवार को वीआईपी रोड पर रोड निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रोड रोलर से इन जब्त उपकरणों को नष्ट करने की कार्रवाई की गई। जिस रोड रोलर का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाता है, उसी से मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर और प्रेशर हॉर्न को कुचलकर नष्ट किया गया।
सार्वजनिक रूप से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य यह संदेश देना भी रहा कि नियम विरुद्ध तरीके से वाहनों को मोडिफाई करने वालों के खिलाफ पुलिस अब केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसे उपकरणों को जब्त कर उन्हें नष्ट भी किया जाएगा। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के दमोह जिले के इतिहास में यह पहला अवसर था जब सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाला रोड रोलर मॉडिफाइड साइलेंसरों के साथ हूटर और प्रेशर हनन के ऊपर चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने दिया सख्त संदेश
कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने कहा कि वाहनों में नियम विरुद्ध तरीके से लगाए जाने वाले मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे की गंभीरता भी सामने आई। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सड़क पर सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था कायम करना तथा अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण को रोकना है।

इंदौर में भी चला चुके हैं इसी तरह का अभियान
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी का इंदौर में यातायात व्यवस्था से जुड़ा अनुभव भी इस कार्रवाई में दिखाई दिया। इंदौर में यातायात पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहने के दौरान भी उन्होंने मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया था। उस दौरान बड़ी संख्या में जब्त किए गए मोडिफाइड साइलेंसरों को सार्वजनिक रूप से नष्ट कर वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया था।
अब दमोह में भी इसी तरह की कार्रवाई सामने आने के बाद माना जा रहा है कि शहर में मोडिफाइड साइलेंसर और अनधिकृत ध्वनि उपकरणों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।
हूटर और प्रेशर हॉर्न भी पुलिस के निशाने पर
कार्रवाई केवल मोडिफाइड साइलेंसर तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने वाहनों में लगाए जाने वाले अनधिकृत हूटर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ भी कार्रवाई की है। बड़ी संख्या में हूटर और प्रेशर हॉर्न जब्त किए गए और गुरुवार को उन्हें भी रोड रोलर से नष्ट किया गया।
सड़क पर अनावश्यक रूप से तेज आवाज करने वाले हॉर्न और हूटर आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। कई बार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अचानक तेज आवाज होने से वाहन चालक और पैदल राहगीर असहज हो जाते हैं। पुलिस का कहना है कि यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ऐसे उपकरणों के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक जरूरी है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
दमोह पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत साफ है कि शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस द्वारा ऐसे वाहनों की जांच की जा रही है जिनमें कंपनी के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया है। विशेष रूप से मोडिफाइड साइलेंसर, अनधिकृत हूटर और प्रेशर हॉर्न पर पुलिस की नजर रहेगी।
पुलिस की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जब्त किए गए उपकरणों को सार्वजनिक रूप से नष्ट कर आम लोगों के बीच जागरूकता का संदेश दिया गया। इससे वाहन चालकों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क पर वाहन चलाना केवल व्यक्तिगत सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि उससे दूसरे लोगों की सुरक्षा और सुविधा भी जुड़ी होती है।
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी
वीआईपी रोड पर आयोजित इस कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया, नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार, यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह तथा आकांक्षा जोशी सहित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
दमोह पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर में एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वाहनों में नियम विरुद्ध बदलाव कर तेज आवाज पैदा करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल अब आसानी से नहीं किया जा सकेगा। 120 से अधिक मोडिफाइड साइलेंसरों के साथ बड़ी संख्या में हूटर और प्रेशर हॉर्न को रोड रोलर से नष्ट किए जाने की तस्वीरें और वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस की यह कार्रवाई आगे किस स्तर तक पहुंचती है और क्या शहर की सड़कों पर तेज आवाज करने वाले मोडिफाइड साइलेंसरों और अनधिकृत हॉर्न का चलन वास्तव में कम होता है। फिलहाल दमोह पुलिस ने रोड रोलर चलाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि ध्वनि प्रदूषण और नियम विरुद्ध वाहन संशोधन के मामले में कार्रवाई को लेकर उसका रुख सख्त है।
