दमोह | हटा। जिले के हटा विकासखंड अंतर्गत रजपुरा थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। गांव के पास बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनू यादव और भविष्य यादव, दोनों पिता संजू यादव, गांव के पास बने पानी से भरे गड्ढे में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों को जब बच्चों के डूबने की जानकारी मिली तो तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को तत्काल सिविल अस्पताल हटा ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की घोषणा के साथ ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पेट्रोल पंप निर्माण के लिए हुई खुदाई बनी हादसे की वजह
ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां पेट्रोल पंप निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई की गई थी। खुदाई के कारण वहां गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें लगातार बारिश के चलते काफी पानी भर गया। सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे इसी पानी से भरे गड्ढे में नहाने पहुंचे थे और गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण हादसे का शिकार हो गए।
एसडीओपी कृष्णपाल सिंह पहुंचे अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही हटा एसडीओपी कृष्णपाल सिंह सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सरपंच ने भी परिजनों को बंधाया ढांढस
दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत नारायणपुरा के सरपंच जशवेंद्र यादव भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान बने गहरे गड्ढों की समय पर भराई कराई जाए या उनके चारों ओर सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
यह घटना एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में ऐसे सभी खुले और पानी से भरे गड्ढों का सर्वे कर उन्हें तत्काल सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
