पिता से 15 मीटर दूर खड़ी कार में साढ़े तीन साल के चिराग की दर्दनाक मौत, धूप से बचाने के लिए बैठाया था अंदर
इंदौर। शहर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कार में अचानक लगी आग ने साढ़े तीन साल के मासूम की जिंदगी छीन ली। पिता की आंखों के सामने कार में फंसे बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।पुलिस के अनुसार रालामंडल निवासी संजय बहेडिया (29 वर्ष) शनिवार सुबह अपने मित्र मनीष की मदद के लिए सिमरोल क्षेत्र जा रहे थे। मनीष का डीजे वाहन खराब हो गया था और उसने संजय को फोन कर सहायता मांगी थी। संजय जब घर से निकल रहे थे, तब उनका इकलौता बेटा चिराग भी साथ जाने की जिद करने लगा। पिता ने बेटे की जिद मान ली और उसे अपनी स्विफ्ट वीडीआई कार में बैठाकर निकल पड़े।
बताया जा रहा है कि संजय ने रास्ते में डीजल भरवाया और सिमरोल क्षेत्र में पहुंचकर अपनी कार डीजे वाहन के आगे खड़ी कर दी। उस समय तेज धूप पड़ रही थी। बच्चे को गर्मी से बचाने के लिए उन्होंने चिराग को कार के अंदर बैठा दिया। खिड़की हल्की खुली हुई थी, लेकिन कार का दरवाजा बंद था।इसी दौरान अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। महज 15 मीटर दूरी पर खड़े पिता कुछ समझ पाते उससे पहले आग भड़क चुकी थी। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मासूम चिराग कार में ही फंस गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह कार करीब डेढ़ माह पहले ही दिल्ली से खरीदी गई थी। प्रारंभिक आशंका है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और वाहन के तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया की जा रही है।घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है। इकलौते बेटे की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।
सावधानी ही सुरक्षा
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाहन के अंदर तापमान तेजी से बढ़ता है। ऐसे में बच्चों को कार में अकेला छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।
संदेश:
गर्मी में बच्चों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। कुछ ही मिनटों में कार के अंदर तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और जानलेवा हादसा हो सकता है।
