इंदौर। दशहरा मैदान में आयोजित नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम में मंच पर स्थान नहीं मिलने से भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन नाराज़ हो गए। सोमवार को मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की और कहा कि पार्टी में कुछ लोग “माई-बाप” बन गए हैं, उन्हीं के इशारे पर नियुक्तियां होती हैं और कार्यक्रमों में किसे महत्व दिया जाए, यह भी वही तय करते हैं।
“पार्टी अब मुझे प्रासंगिक नहीं मानती”
सत्तन ने कहा कि जिन्हें अनुभव नहीं है और जो शहर की नब्ज नहीं समझते, वे नेतृत्व करेंगे तो ऐसी स्थितियां बनेंगी। उन्होंने कहा कि “कोई किसी का पट्ठा है, कोई किसी का… मैं तो भाजपा का कार्यकर्ता हूं। कार्यक्रम नगर निगम का था। महापौर ने स्वयं मुझे दो बार फोन कर आमंत्रित किया था, इसलिए मैं वहां गया था। मैं पहले चरण का कार्यकर्ता हूं, लेकिन अब लगता है पार्टी मुझे प्रासंगिक नहीं मानती।”
गौरतलब है कि रविवार को दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के कार्यों का भूमिपूजन किया था। कार्यक्रम में सत्यनारायण सत्तन भी आमंत्रित थे। वे तय समय पर पहुंचे, लेकिन मंच पर उनके लिए स्थान निर्धारित नहीं था। इससे आहत होकर वे कार्यक्रम स्थल से वापस लौट गए।
नाम सूची में नहीं था नाम
सत्तन ने कहा कि मंच पर जिन लोगों के नाम लिखे गए थे, उन्हें आयोजकों ने अपने हिसाब से महत्वपूर्ण माना। “मैं उनके अनुसार महत्वपूर्ण नहीं था, इसलिए मेरा नाम सूची में नहीं रखा गया। मैंने कार्यक्रम से अनुपस्थित रहकर अपना विरोध दर्ज कराया,” उन्होंने कहा।
नगराध्यक्ष ने पहुंचकर मांगी माफी
घटनाक्रम के बाद सोमवार को भाजपा नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा स्वयं सत्तन के निवास पहुंचे और कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम को लेकर खेद व्यक्त किया। उन्होंने मंच व्यवस्था में हुई चूक को स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और इसे संगठन के भीतर असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।
