दमोह। जिले में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने प्रेस से चर्चा के दौरान विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में जिले में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त रिजर्व स्टॉक बनाए रखा गया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले तक जिले में करीब 4000 गैस सिलेंडरों का रिजर्व स्टॉक रहता था, जिसे बढ़ाकर अब 6000 से अधिक कर दिया गया है। इस व्यवस्था के बाद किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कलेक्टर ने बताया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए गैस कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों की उपस्थिति में जिले की सभी गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस वितरण की वर्तमान स्थिति, रिजर्व स्टॉक, होम डिलीवरी व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतें और भविष्य में किसी प्रकार की किल्लत न हो, इस संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के किसी भी क्षेत्र में गैस वितरण प्रभावित न हो और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध होते रहें।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि जब आपूर्ति सामान्य हो जाती है तो अक्सर लोग सतर्कता कम कर देते हैं, जिससे आगे चलकर अव्यवस्था की संभावना बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारी करते हुए गैस एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं और वितरण प्रणाली को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टॉक के साथ-साथ वितरण व्यवस्था का सुचारू रहना भी उतना ही जरूरी है।
होम डिलीवरी प्रणाली को प्राथमिकता देने की अपील
कलेक्टर ने बताया कि सभी गैस कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के लिए होम डिलीवरी की अनिवार्य व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता स्वयं एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर लेना पसंद करते हैं, जिससे एजेंसियों पर भीड़ बढ़ जाती है और वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार इससे अनावश्यक असंतोष की स्थिति भी बनती है।उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे गैस बुकिंग के बाद होम डिलीवरी का ही उपयोग करें। इससे न केवल एजेंसियों पर भीड़ कम होगी बल्कि वितरण प्रक्रिया भी व्यवस्थित रहेगी और सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन और उपभोक्ताओं दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
“कैश एंड कैरी” योजना की दी जानकारी
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने “कैश एंड कैरी” योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी कारणवश गैस एजेंसी उपभोक्ता के घर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं कर पाती है और उपभोक्ता स्वयं एजेंसी से सिलेंडर लेकर जाता है, तो उसे निर्धारित राशि वापस दी जाएगी। यह राशि संबंधित गैस कंपनी के अनुसार लगभग 20 से 30 रुपये तक होगी।उन्होंने कहा कि यह छूट उपभोक्ताओं का अधिकार है और यदि उपभोक्ता स्वयं सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचते हैं तो उन्हें यह राशि अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। प्रशासन द्वारा इस व्यवस्था को स्पष्ट रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।कलेक्टर ने यह भी बताया कि जल्द ही विभिन्न गैस कंपनियों के अनुसार मिलने वाली छूट की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और वे बिना किसी भ्रम के अपने अधिकार का लाभ उठा सकेंगे।
एजेंसियों को सख्त निर्देश, लगातार होगी निगरानी
कलेक्टर ने कहा कि गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होम डिलीवरी व्यवस्था को प्राथमिकता दें और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यदि कोई उपभोक्ता स्वयं सिलेंडर लेकर जाता है तो उसे “कैश एंड कैरी” योजना के तहत निर्धारित छूट दी जाए।उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने अंत में उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, जिले में पर्याप्त गैस स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक भीड़ से बचने, होम डिलीवरी का उपयोग करने और स्वयं सिलेंडर लेने की स्थिति में अपनी निर्धारित छूट लेने के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में किसी भी स्थिति में गैस आपूर्ति प्रभावित न हो और जिले के सभी उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से सेवा मिलती रहे।
