आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न इंडिकेटर्स पर दिए गए विस्तृत दिशा-निर्देश
दमोह,सोमवार 30 मार्च / कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं केंद्रीय प्रभारी अधिकारी (CPO) अजीत कुमार ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational District Programme) के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के निर्धारित इंडिकेटर्स की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संयुक्त सचिव ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से न छूटे तथा सभी बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

बैठक में संस्थागत प्रसव, एनीमिया नियंत्रण, प्रसव पूर्व जांच और टीकाकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। संयुक्त सचिव ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन होने से उन्हें नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिलती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आशा, आंगनवाड़ी और एएनएम के माध्यम से घर-घर सर्वे कर छूटी हुई गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाए। साथ ही सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं।
टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा
संयुक्त सचिव ने जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को नियमित दवा के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराई जा रही है और इसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा अधिकारियों का सहयोग मिल रहा है। सीएमएचओ ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों की पहचान, उपचार और निगरानी की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
शिक्षा व्यवस्था सुधार पर चर्चा
बैठक में शिक्षा विभाग के इंडिकेटर्स की समीक्षा करते हुए स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि गौण खनिज मद से स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 187, द्वितीय चरण में 102 और तृतीय चरण में 135 स्कूल भवनों की मरम्मत के कार्य लिए गए हैं। डीपीसी श्री द्विवेदी ने बताया कि आगामी सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकों का वितरण 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा और वर्तमान में लगभग 40 प्रतिशत पुस्तकें जिले में प्राप्त हो चुकी हैं। सत्र प्रारंभ होते ही छात्रों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
अन्य विभागों के इंडिकेटर्स पर भी दिए निर्देश
बैठक में कृषि, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा सहित अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिले में नरवाई प्रबंधन, जैविक हाट, नेचुरल फार्मिंग तथा विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। संयुक्त सचिव ने इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
कलेक्टर ने बताया—जिले को मिला तीन करोड़ का पुरस्कार
कलेक्टर श्री कोचर ने बैठक में बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन के लिए जिले को तीन करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार राशि से संबंधित परियोजना समय सीमा में तैयार कर भेजी जाएगी। उन्होंने संयुक्त सचिव के मार्गदर्शन को जिले के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि सभी विभाग मिलकर निर्धारित इंडिकेटर्स में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर द्वारा जिले का विजन डॉक्यूमेंट, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन से संबंधित प्रकाशित पुस्तिकाएं संयुक्त सचिव को भेंट की गईं। बैठक में सहायक कलेक्टर ऋषिकेश विजय ठाकरे, एडीएम मीना मसराम, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
