आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन बेहतर मिला, गौशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक; बिना कनेक्शन बिजली बिल की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
दमोह, 14 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शासकीय योजनाओं और सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शुक्रवार को हरई (सिंगौरगढ़) एवं तेजगढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने क्षेत्र के विभिन्न शासकीय संस्थानों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण का उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सही समय पर पहुंच रहा है या नहीं, इसकी वास्तविक स्थिति जानना और मौके पर सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान हरई (सिंगौरगढ़) के आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला तथा गौशाला का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही तेजगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास की व्यवस्थाओं को भी कलेक्टर ने देखा।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से संस्थानों के संचालन की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद लोगों से भी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मैदानी स्तर पर निरीक्षण बेहद जरूरी है। इससे कमियों की पहचान होने के साथ ही उनके निराकरण की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू की जा सकती है।
आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन बेहतर मिला
हरई क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन पहले की अपेक्षा बेहतर पाया गया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, केंद्र के संचालन तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं से संबंधित योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचना चाहिए। केंद्रों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बिना विद्युत कनेक्शन के बिजली बिल की शिकायत पर तत्काल निर्देश
आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई। केंद्र में विद्युत कनेक्शन नहीं होने के बावजूद बिजली का बिल प्राप्त होने की शिकायत की गई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधीक्षण अभियंता को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि बिल जारी होने में किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि संबंधित संस्था को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्कूल में विद्यार्थियों ने बताई पुस्तकों की कमी
हरई के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें कुछ विषयों की पुस्तकें अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
विद्यार्थियों की समस्या सुनते ही कलेक्टर ने मौके से ही जिला परियोजना समन्वयक श्री द्विवेदी को फोन कर आवश्यक पुस्तकें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पुस्तकों के अभाव में किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के कुछ समय बाद ही विद्यार्थियों को मिलीं शेष पुस्तकें
कलेक्टर के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। निरीक्षण समाप्त होने के कुछ समय बाद जिन विद्यार्थियों को पुस्तकें प्राप्त नहीं हुई थीं, उन्हें शेष पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया गया।
कलेक्टर ने इस मामले में संबंधित स्तर पर हुई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
गौशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं
हरई क्षेत्र की गौशाला का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने वहां पशुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान गौशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। उन्होंने गौशाला के संचालन, साफ-सफाई, पशुओं की देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
तेजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास का भी निरीक्षण
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तेजगढ़ पहुंचकर स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा आमजन एवं विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का मूल उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लेकर जनता का विश्वास मजबूत करना है। इसके लिए यह आवश्यक है कि अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाओं में पहले की अपेक्षा उल्लेखनीय सुधार पाया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन बेहतर मिला, जबकि गौशाला की व्यवस्थाएं भी संतोषजनक पाई गईं। माध्यमिक शाला में शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाएं भी अच्छी मिलीं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर, सही तरीके से और सहज रूप से पहुंचे। नागरिकों और विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय संस्थानों का लगातार निरीक्षण कर कमियों की पहचान की जा रही है और जहां भी आवश्यकता सामने आ रही है, वहां मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत यह प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
