मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत दमोह से रवाना हुई विशेष ट्रेन, पूर्व यात्राओं में नजर आए कुछ चेहरों की मौजूदगी ने फिर खड़े किए चयन प्रक्रिया पर सवाल
दमोह। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत दमोह जिले से द्वारका-सोमनाथ तीर्थ यात्रा के लिए 468 यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन सोमवार 21 सितंबर की रात करीब 11 बजे दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-3 से रवाना हुई। ट्रेन को मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी और भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान यात्रियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दी गईं।
राज्यमंत्री ने कहा- बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन कराना सरकार की प्राथमिकता

राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने यात्रियों से संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में धर्मस्व विभाग द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रवण कुमार की भावना के साथ वृद्ध माता-पिता की सेवा और उन्हें तीर्थ दर्शन कराने का कार्य कर रहे हैं।उन्होंने यात्रियों से भगवान द्वारकाधीश और सोमनाथ से प्रदेश की खुशहाली के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके लिए भी प्रार्थना करने का आग्रह किया।
यात्रा से जुड़ी प्रमुख जानकारी :
- दमोह जिले से 468 तीर्थयात्री रवाना।
- द्वारका-सोमनाथ के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन रवाना।
- ट्रेन दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-3 से रवाना हुई।
- यात्रियों के साथ दर्शन रक्षक एवं पर्यवेक्षक भी शामिल।
- यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की जानकारी।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को मिल रहा लाभ
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों और ऐसे परिवारों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिल रहा है, जो स्वयं यात्रा का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दमोह जिले के नागरिकों को इस योजना का लगातार लाभ मिल रहा है।उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के प्रति आभार व्यक्त किया।
यात्रा रवाना हुई, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा भी शुरू
जहां एक ओर रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों के रवाना होने को लेकर उत्साह दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर यात्रा में शामिल कुछ चेहरों को लेकर चर्चाएं भी होती रहीं। बताया गया कि कुछ ऐसे चेहरे भी इस यात्रा में नजर आए, जो पूर्व की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्राओं में भी दिखाई दे चुके हैं।कुछ परिवारों के एक साथ यात्रा करने की चर्चा रही, वहीं कुछ यात्रियों की पात्रता को लेकर भी सवाल उठते रहे। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।
उठ रहे प्रमुख सवाल :
- यात्रियों के चयन की प्रक्रिया क्या रही?
- क्या सभी यात्रियों की पात्रता का दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन किया गया?
- क्या पूर्व में यात्रा कर चुके यात्रियों के संबंध में निर्धारित नियमों का परीक्षण किया गया?
- सहायक के रूप में शामिल यात्रियों की पात्रता किस आधार पर तय हुई?
- क्या यात्रा की अंतिम सूची और पात्रता संबंधी दस्तावेजों का प्रशासनिक स्तर पर परीक्षण हुआ?
पात्रता और पारदर्शिता सबसे अहम सवाल
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य निर्धारित पात्रता रखने वाले बुजुर्ग एवं जरूरतमंद नागरिकों को तीर्थ दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि सभी 468 यात्रियों का चयन निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ है तो प्रशासन द्वारा चयन एवं सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक किए जाने से उठ रहे सवालों का स्वतः समाधान हो सकता है।वहीं यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय किया जाना भी जरूरी होगा।
पूर्व यात्राओं को लेकर भी उठते रहे हैं सवाल
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की पूर्व यात्राओं के दौरान भी टिकट वितरण, कथित रूप से अपात्र लोगों के बार-बार यात्रा करने तथा चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। कुछ मामलों में छोटे स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की चर्चा भी सामने आई थी।इसी पृष्ठभूमि में इस बार की यात्रा में भी कुछ पुराने चेहरों के दिखाई देने से चर्चाओं को फिर हवा मिली है। हालांकि किसी भी यात्री की पात्रता पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों और शासन के नियमों के परीक्षण के बाद ही निकाला जा सकता है।
सरकारी योजना में पारदर्शिता से ही बढ़ेगा भरोसा
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना गरीब, बुजुर्ग और पात्र नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
यदि दमोह से रवाना हुए सभी 468 यात्रियों का चयन नियमों के अनुरूप हुआ है तो संबंधित विभाग द्वारा इसकी स्थिति स्पष्ट करने से यात्रा को लेकर उठ रही चर्चाओं पर विराम लग सकता है।इस अवसर पर एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
