(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह। बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी दमोह में शुरू हो चुकी है। पहली बार जिले में ऐसा चिकित्सा आयोजन होने जा रहा है, जो केवल चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में हजारों मरीजों के बेहतर उपचार की आधारशिला भी रख सकता है। आगामी 24 मई 2026 को दमोह स्थित होटल रॉयल दमयंती पैलेस में “मेडीकॉन दमोह 2026 – मेडिसिन अपडेट बुंदेलखंड” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे।
बुंदेलखंड के चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जोड़ने, नई शोध आधारित उपचार पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराने और छोटे शहरों के डॉक्टरों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह सम्मेलन क्षेत्र के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शुक्रवार 22 मई को आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन समिति ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। आयोजन सचिव डॉ. आभाष जैन ने कहा कि यह केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान विस्तार और सेवा गुणवत्ता सुधार की दिशा में गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले कई चिकित्सक समय और दूरी के कारण बड़े शहरों में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रमों तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में दमोह में विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास क्षेत्र के चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. दिवाकर पटेल ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार बदल रहा है। नई शोध आधारित उपचार पद्धतियां सामने आ रही हैं और चिकित्सकों का समय के साथ अद्यतन रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से मिलने वाला ज्ञान सीधे मरीजों तक पहुंचेगा और छोटे शहरों में भी बेहतर उपचार की संभावनाएं मजबूत होंगी।
वैज्ञानिक सचिव डॉ. अमित जैन और सह-आयोजन सचिव डॉ. गौरव नायक ने बताया कि आयोजन को लेकर चिकित्सकों में उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन किए जाएंगे।
सम्मेलन में जबलपुर, भोपाल, नागपुर, इंदौर और सागर सहित विभिन्न शहरों से 20 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ अपने व्याख्यान देंगे। इनमें जबलपुर से वरिष्ठ हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. वी.के. भारद्वाज, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज पटेल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. परिमल स्वामी, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव सक्सेना, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष तिवारी, गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. नीरज जैन, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिमेष गुप्ता, मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुमिती जैन, मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव और छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजबिहारी पटेल शामिल रहेंगे।
इंदौर से गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. जय कृपलानी, नागपुर से पाचन रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ मुकेवार और जोड़ एवं प्रतिरक्षा रोग विशेषज्ञ डॉ. परीक्षित सगदेव, भोपाल से पाचन रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष मनोरिया, हृदय शल्य विशेषज्ञ डॉ. आनंद यादव, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल तथा मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रितेश गौतम भी अपने अनुभव साझा करेंगे। वहीं सागर से मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर रावत, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिषेक जैन और डॉ. मनीष जैन भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से लगभग 150 से 200 चिकित्सकों की सहभागिता संभावित है। सम्मेलन के दौरान नई चिकित्सा पद्धतियों, गंभीर बीमारियों के बेहतर उपचार, आधुनिक अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान भी किया जाएगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि छोटे शहरों के चिकित्सक आधुनिक चिकित्सा ज्ञान से लगातार जुड़ते रहेंगे, तो ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए महानगरों का रुख कम करना पड़ेगा। यही संदेश लेकर “मेडीकॉन दमोह 2026” बुंदेलखंड में चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक नई पहल बनने जा रहा है।
