खिड़की से महिला को खींचने का प्रयास, न्यायालय ने लगाया 1000 रुपये का अर्थदंड
इंदौर। महिला का बुरी नीयत से हाथ पकड़कर उसे खिड़की से खींचने का प्रयास करने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
उपनिदेशक अभियोजन श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 14 अगस्त 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, डॉ. अंबेडकर नगर, जिला इंदौर के न्यायालय ने थाना मानपुर के प्रकरण क्रमांक 964/2025 में निर्णय पारित किया। न्यायालय ने आरोपी अजय पिता दिलीप, उम्र 23 वर्ष, निवासी इंदौर को धारा 74 भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती रंजिता आर्य ने पैरवी की।अभियोजन के अनुसार घटना 17 जून 2025 की रात की है। महिला रात में खाना खाने के बाद अपने दोनों बच्चों के साथ सो गई थी। रात करीब 11:50 बजे उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि घर के पीछे स्थित खिड़की से कोई व्यक्ति अंदर झांक रहा है।महिला खिड़की के पास पहुंची तो आरोपी ने कथित रूप से बुरी नीयत से उसका दाहिना हाथ पकड़ लिया और उसे खिड़की से बाहर की ओर खींचने का प्रयास किया। महिला ने आरोपी को पहचान लिया, जो उसके ही मोहल्ले में रहता था। महिला के चिल्लाने पर आरोपी मौके से भाग गया।आवाज सुनकर महिला की देवरानी, जो उसके घर के पास ही रहती थी, जागकर मौके पर पहुंची। महिला ने उसे पूरी घटना बताई। इसके बाद 18 जून 2025 को थाना मानपुर पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।पुलिस ने महिला की रिपोर्ट के आधार पर धारा 74 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया तथा फरियादी और साक्षियों के बयान दर्ज किए गए। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।न्यायालय में विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी अजय को दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
