स्टॉक, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों की जांच की; किसानों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं, अधिकारियों को पारदर्शी एवं समयबद्ध वितरण के दिए निर्देश
विदिशा/खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने ग्यारसपुर स्थित खाद भंडारण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाद वितरण प्रक्रिया, उपलब्ध स्टॉक, रिकॉर्ड संधारण और किसानों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।
कलेक्टर ने केंद्र पर पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के माध्यम से किए जा रहे खाद वितरण का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीक आधारित वितरण प्रणाली का उद्देश्य किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद उपलब्ध कराना है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में खड़ा न रहना पड़े और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर खाद मिले।
किसानों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने केंद्र पर मौजूद किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा शुरू की गई ई-टोकन प्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि अब किसानों को निर्धारित समय के अनुसार खाद मिलेगी, जिससे भीड़ कम होगी, प्रतीक्षा का समय घटेगा और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
स्टॉक और अभिलेखों की भी हुई जांच
कलेक्टर ने गोदाम प्रभारी से खाद भंडारण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण में केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध पाया गया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर तथा अन्य संबंधित अभिलेखों का भी गहन परीक्षण किया, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न रहे।
गोदाम प्रभारी ने बताया कि केंद्र पर किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त खाद उपलब्ध है तथा वितरण कार्य नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। नई ई-टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है।
शिकायत पर होगी तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि खाद वितरण से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक किसान को समय पर, पर्याप्त मात्रा में और पूर्ण पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान एसडीएम श्रीमती शशि मिश्रा सहित कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
