सादी वर्दी में 100 से अधिक जवानों की पैनी नजर, 100 से ज्यादा ऊंची इमारतों से निगरानी; 10 ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से होगी चप्पे-चप्पे की मॉनिटरिंग
(आचार्य नारायण वैष्णव)
उज्जैन। भगवान श्री महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली भव्य राजसी सवारी को लेकर उज्जैन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। सवारी में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे सवारी मार्ग को सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, यातायात, भीड़ नियंत्रण तथा संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
राजसी सवारी के दौरान सवारी मार्ग और उससे जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में 2000 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा भीड़ के बीच होने वाली चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात किए जाएंगे।पुलिस की निगरानी केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेगी। सवारी मार्ग के आसपास मौजूद 100 से अधिक ऊंचे भवनों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं आसमान से 10 ड्रोन लगातार पूरे क्षेत्र की निगरानी करेंगे। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जाएगी।
आठ जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल
एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार राजसी सवारी के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया और शिवपुरी से पुलिस अधिकारी और जवान उज्जैन पहुंचेंगे।सवारी में ड्यूटी करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके तैनाती स्थल, सवारी मार्ग, भीड़ की संभावित स्थिति और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति की जानकारी दी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही सवारी को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
होटल, लॉज और धर्मशालाओं की भी हो रही जांच
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने उज्जैन शहर के होटल, लॉज और धर्मशालाओं की चेकिंग भी तेज कर दी है। यहां ठहरे लोगों की जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी।
मोबाइल-पर्स से लेकर चेन स्नेचिंग तक पर विशेष नजर
राजसी सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और सोने की चेन चोरी करने वाले बदमाशों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।इसके लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को सादी वर्दी में भीड़ के बीच तैनात किया जाएगा। ये जवान सामान्य श्रद्धालुओं की तरह भीड़ में मौजूद रहकर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।पुलिस ने चेन स्नेचिंग और जेबकतरों के खिलाफ भी विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई है। करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भीड़ वाले स्थानों पर किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध हो।
सुबह 6 बजे से पुराने शहर के 16 मार्गों पर प्रतिबंध
राजसी सवारी को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सोमवार सुबह 6 बजे से सवारी समाप्त होने तक पुराने शहर के 16 प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस ने श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की है। इसके साथ ही आपात स्थिति में भीड़ और वाहनों की सुरक्षित निकासी के लिए आठ वैकल्पिक निकासी मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं।
इन 16 मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध
- हरिफाटक टी से बेगमबाग की ओर
- दानीगेट से रामानुज कोट की ओर
- गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी की ओर
- तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग
- निकास चौराहा से तेलीवाड़ा
- क्षीर सागर से कंठाल चौराहा
- बियाबानी से तेलीवाड़ा
- नरेंद्र टाकीज से कंठाल
- नरसिंह घाट टर्निंग से जयसिंहपुरा चौराहा
- भार्गव तिराहा से टंकी चौक
- कंठाल चौराहा से कमरी मार्ग
- चक्रतीर्थ टर्निंग से दानीगेट
- तोपखाना से लोहे के पुल की ओर
- नलिया बाखल से कमरी मार्ग
- बाहर खोली से रामघाट
- बांसफोड़ गली से गुदरी चौराहा
छह स्थानों पर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश से रोकने के लिए छह प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले वाहन वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन पार्किंग और कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जा सकेंगे।वहीं बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्किंग व्यवस्था रहेगी।मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीर सागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे।पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
आपात स्थिति में आठ रास्तों से होगी निकासी
राजसी सवारी के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने आठ वैकल्पिक निकासी मार्ग तैयार किए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन मार्गों से श्रद्धालुओं और वाहनों को भीड़ वाले क्षेत्रों से बाहर निकाला जाएगा।इनमें महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, लोहे के पुल से दौलतगंज-देवासगेट, कमरी मार्ग से कंठाल, मुसद्दीपुरा चौराहा से डाबरी पीठा होते हुए नईसड़क तथा भगतजी चौराहा से छोटा सराफा-नमकमंडी होते हुए नईसड़क शामिल हैं।इसके अलावा छत्री चौक से लखेरवाड़ी होते हुए नमकमंडी-नईसड़क, हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि तथा गुदरी चौराहा से कसाईबाड़ा होते हुए बांसफोड़ गली की ओर भी वैकल्पिक निकासी मार्ग उपलब्ध रहेगा।
सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी जोर
महाकाल की राजसी सवारी उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ को व्यवस्थित रखने और यातायात सुचारु बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था के दौरान श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। ड्रोन, सीसीटीवी, ऊंची इमारतों पर तैनात पुलिसकर्मियों, सादी वर्दी के जवानों और अतिरिक्त पुलिस बल के जरिए पूरे सवारी क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जाएगी।प्रशासन की कोशिश है कि भगवान महाकाल की राजसी सवारी श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो।
