मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रवासी भारतीयों, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से की चर्चा; शिल्प और हथकरघा उत्पादों ने खींचा वैश्विक समुदाय का ध्यान
भोपाल। मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंचा है। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय, भारतीय राजनयिक अधिकारियों, अरब देशों के प्रतिनिधियों और दुनिया के प्रमुख निवेशकों के साथ व्यापक संवाद किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों और राज्य के बीच दीर्घकालिक औद्योगिक एवं आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर तक होने वाली एआईएम कांग्रेस 2026 में भी भाग लेगा, जहां मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश संभावनाओं और विकास मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
दुबई में प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात की।जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में करीब 50 प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रह रहा भारतीय समुदाय मध्यप्रदेश के विकास और राज्य की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
दुबई के ताज दुबई, बिजनेस बे में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हथकरघा और हस्तशिल्प की झलक देखने को मिली।प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया।सरकार का लक्ष्य इन स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना और प्रदेश के कारीगरों को विदेशी खरीदारों तथा नए कारोबारी अवसरों से जोड़ना है।
भारतीय राजदूत और महावाणिज्य दूत से हुई अहम चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात की।बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और यूएई के निवेशकों के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं, निवेशक-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी दी।उन्होंने भारतीय मिशन से यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, बड़े कॉर्पोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के संपर्क को बढ़ाने में सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
अरब संसद के अध्यक्ष से व्यापार और निवेश पर मंथन
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष भोज में हिस्सा लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा तथा निवेश के नए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आधुनिक विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया।
खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन और कृषि लॉजिस्टिक्स को लेकर भी चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने अरब देशों के प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आने और वर्ष 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस दौरान मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देशों के संसदीय नेताओं को भी जीआईएस-2027 के लिए आमंत्रित करने की पहल की गई।
वैश्विक मीडिया के सामने रखी मध्यप्रदेश की विकास तस्वीर
दुबई में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल निवेश जुटाना नहीं है, बल्कि निवेशकों के साथ लंबी अवधि की भरोसेमंद विकास साझेदारी स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सिंगल विंडो व्यवस्था, तेजी से स्वीकृति देने की प्रक्रिया, उद्योगों के लिए बनाई गई नीतियों और देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को मिलने वाली रणनीतिक कनेक्टिविटी को निवेश के प्रमुख आधार के रूप में बताया।
‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में वैश्विक निवेशकों से संवाद
दुबई दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मेजबानी एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने की।कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशक, वैश्विक कंपनियों के प्रमुख, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और विभिन्न देशों के नीति-निर्माता मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की जानकारी साझा की।
उन्होंने विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीक और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया।दुबई दौरे के पहले दिन हुए संवादों को मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संपर्क को ठोस कारोबारी साझेदारियों में बदला जाए और प्रदेश में रोजगार तथा औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार किए जाएं।
