छतरपुर के जुनवानी स्कूल में पदस्थ थीं सविता पटेल, सागर संभागीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
छतरपुर। आज 16 अक्टूबर 2026। शासकीय शिक्षक भर्ती में दिव्यांगता प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता से जुड़े मामले में छतरपुर जिला शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिक शिक्षिका सविता पटेल की नियुक्ति निरस्त कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. रैकवार के कार्यालय से 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, संबंधित शिक्षिका की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है। यह कार्रवाई संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर की जांच रिपोर्ट में निर्धारित दिव्यांगता की पुष्टि नहीं होने के बाद की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सविता पटेल, पिता बेनी प्रसाद पटेल, को 30 मार्च 2023 को श्रवण बाधित (एचएच) श्रेणी के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। वह शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी, विकासखंड बिजावर, जिला छतरपुर में पदस्थ थीं। नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण पत्र दमोह जिले से जारी बताया गया है, जिसमें 50 प्रतिशत दिव्यांगता दर्ज थी।
मेडिकल बोर्ड की जांच में नहीं हुई दिव्यांगता की पुष्टि
प्रकरण की जांच के दौरान जिला मेडिकल बोर्ड छतरपुर ने संबंधित शिक्षिका को परीक्षण के लिए संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर रेफर किया था। क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, सागर संभाग द्वारा 30 सितंबर 2026 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में निर्धारित न्यूनतम 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता नहीं पाए जाने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित शिक्षिका में श्रवण बाधित दिव्यांगता की पुष्टि नहीं हुई और दिव्यांगता शून्य दर्ज की गई।मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता के संबंध में कार्रवाई की। आदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 2(ध) तथा लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के निर्देशों का उल्लेख करते हुए नियुक्ति निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
अन्य नियुक्तियों के प्रमाण पत्रों की जांच पर भी नजर
इस मामले के सामने आने के बाद दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्त कर्मचारियों की पात्रता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की जांच भी संभावित है। हालांकि, अन्य कर्मचारियों के संबंध में जांच की स्थिति और आगामी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।यदि जांच में किसी अन्य कर्मचारी के प्रमाण पत्र या नियुक्ति संबंधी पात्रता में अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल सविता पटेल की नियुक्ति निरस्त किए जाने की कार्रवाई इस मामले में विभागीय स्तर पर सामने आया प्रमुख घटनाक्रम है।दिव्यांगता श्रेणी के अंतर्गत शासकीय पदों पर नियुक्ति में प्रमाण पत्रों का सत्यापन महत्वपूर्ण है, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिल सके। इस मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई ने भर्ती प्रक्रिया में प्रमाण पत्रों की जांच और सत्यापन की आवश्यकता को फिर रेखांकित किया है।
