रिहायशी क्षेत्र के पास लगातार दिखाई दे रहा था मगरमच्छ, वन विभाग की संयुक्त टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान
जबेरा क्षेत्र में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में बनी हुई थी चिंता, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने सुरक्षित पकड़ा
दमोह, शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026। जिले के जबेरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरई के ग्राम हरदुआ खुर्द में पिछले करीब 10 दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी और भय का कारण बने विशालकाय मगरमच्छ को शुक्रवार सुबह वन विभाग की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ लिया। रिहायशी क्षेत्र के आसपास मगरमच्छ की लगातारमौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरदुआ खुर्द गांव और उसके आसपास के क्षेत्र में पिछले करीब 10 दिनों से मगरमच्छ दिखाई दे रहा था। लगातार उसकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही थी। शुक्रवार सुबह मगरमच्छ एक बार फिर गांव के रिहायशी क्षेत्र के नजदीक दिखाई दिया। विशालकाय मगरमच्छ को देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। आबादी के पास मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि मगरमच्छ आबादी के बीच पहुंच गया तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर तत्काल कार्रवाई करने और मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की। सूचना मिलने के बाद संबंधित टीम सक्रिय हुई और रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई।
संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना के बाद वन विभाग की टीम और रेस्क्यू कार्य में सहयोग करने वाले लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संयुक्त रूप से मगरमच्छ को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए विशालकाय मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया।रेस्क्यू अभियान में आरक्षक प्रशांत दुबे, सर्पमित्र सूरज रैकवार, छोटू पटेल, डिप्टी रेंजर नारायण चौबे और झलकन साहू सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। टीम के समन्वित प्रयासों से मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता मिली।मगरमच्छ को पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की। पिछले कई दिनों से बनी हुई चिंता के बीच रेस्क्यू अभियान की सफलता से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, मगरमच्छ को पकड़ने के बाद उसे कहां छोड़ा गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
वन्यजीव दिखाई देने पर सतर्कता जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में नदी, तालाब, जलाशय और अन्य जलस्रोतों के आसपास मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी लोगों के लिए खतरा बन सकती है, विशेषकर तब जब वे आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंच जाएं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को स्वयं मगरमच्छ को पकड़ने या उसके नजदीक जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को देना आवश्यक है, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू की कार्रवाई कर सके।हरदुआ खुर्द में पिछले करीब 10 दिनों से बनी हुई दहशत के बाद मगरमच्छ को पकड़ने की कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत मिली है। समय पर सूचना और संयुक्त टीम के प्रयासों से संभावित खतरे को नियंत्रित करने में मदद मिली।
