इंदौर, मंगलवार 07 अप्रैल 2026। अंगदान के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और समन्वित व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में संभागायुक्त कार्यालय में शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंगदान को जनआंदोलन का रूप देने, अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त करने तथा संस्थागत स्तर पर समन्वय मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
संभागायुक्त ने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है, लेकिन इसे और गति देकर प्रदेश ही नहीं देश में भी अग्रणी बनाया जा सकता है। इसके लिए अस्पतालों, चिकित्सकों और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।
अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त करने के निर्देश
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने सभी अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने संस्थानों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति सुनिश्चित करें, ताकि अंगदान से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और जरूरत पड़ने पर त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की सूची तैयार कर शासन स्तर पर साझा की जाए, जिससे अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय हो सके।उन्होंने बड़े अस्पतालों को छोटे अस्पतालों को साथ जोड़ने, अंगदान संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने और प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि अंगदान से जुड़े चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा और समय-समय पर शिविर, कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों, सहायिकाओं एवं अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंच सके।संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में अंगदान से संबंधित पोस्टर, होर्डिंग्स और बैनर लगाए जाएं। साथ ही अंगदान के लिए प्रतिज्ञा पत्र भरकर राष्ट्रीय स्तर पर पंजीयन कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।
एम्बुलेंस और समन्वय व्यवस्था विकसित करने पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि अंग प्रत्यारोपण के लिए एक जिले से दूसरे जिले तक अंगों को सुरक्षित पहुंचाने हेतु एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। समयबद्ध और सुरक्षित परिवहन से अधिक लोगों को जीवनदान मिल सकेगा।संभागायुक्त ने कहा कि अंगदान केवल ब्रेन-डेड घोषित व्यक्ति की अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में प्रभावी रूप से संभव होता है, इसलिए अस्पतालों में उचित प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक है।
अंगदान को बताया जीवनदान
बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग या ऊतक निकालकर ऐसे व्यक्ति में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिनके अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसे “जीवन का उपहार” भी कहा जाता है, क्योंकि इससे किसी व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है।बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अंगदान करने वाले परिजनों को शासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने से समाज में सकारात्मक संदेश गया है और अंगदान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है।
कई अस्पतालों और संस्थाओं की सहभागिता
बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक तथा शहर के प्रमुख अस्पतालों के संचालक और उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।संभागायुक्त ने कहा कि यदि समन्वित प्रयास किए जाएं तो अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। उन्होंने सभी अस्पतालों से अपील की कि वे इस मानवीय अभियान को मिशन के रूप में लें और अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रे
