भोपाल, मंगलवार 07 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शिक्षा, कृषि, सिंचाई, प्रशासनिक सुधार, अधोसंरचना विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित योजनाओं के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिलने के साथ ही आमजन, किसानों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।बैठक में वित्तीय प्रशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना का निर्णय लिया गया। यह संस्थान आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी परिसर में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान कर पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाना है। संस्थान की स्थापना एवं संचालन के लिए तीन वर्षों में लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं को निरंतरता
मंत्रि-परिषद ने वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए 2,952 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इसमें नगरीय अधोसंरचना विकास निधि, सूचना प्रौद्योगिकी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, स्टॉम्प्स लागत और स्थापना व्यय जैसी योजनाएं शामिल हैं।
वन क्षेत्र संरक्षण के लिए बड़ा प्रावधान
प्रदेश के वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना और संरक्षण कार्यों के लिए 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से उपचार कार्यों के साथ पूर्व वर्षों में किए गए कार्यों का रखरखाव भी किया जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए चना और मसूर उपार्जन
किसानों को समर्थन देने के लिए चना और मसूर के उपार्जन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष सहित तीन वर्षों में 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत रबी विपणन वर्षों 2026-27, 2027-28 और 2028-29 में उपार्जन किया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा किसानों से दलहनी फसलों की खरीदी की जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात
शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—
- आरटीई के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़ रुपये
- पीएमश्री स्कूल योजना के विस्तार के लिए 940 करोड़ रुपये
- कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के लिए 693 करोड़ रुपये
इन फैसलों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को मासिक सहायता
दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना के अंतर्गत प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना से हर वर्ष नए और पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
उज्जैन हवाई पट्टी का विस्तार
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी को एयरबस विमानों के संचालन के लिए विकसित करने हेतु 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहण और 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।
सिंचाई परियोजना को मंजूरी
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे भानपुरा तहसील के 12 गांवों के लगभग 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
विकास और जनकल्याण पर जोर
मंत्रि-परिषद के इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, अधोसंरचना और प्रशासनिक सुधार से जुड़े इन निर्णयों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।सरकार के इन फैसलों से स्पष्ट है कि विकास कार्यों को गति देने, किसानों को समर्थन देने, विद्यार्थियों को सुविधा उपलब्ध कराने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है।
