भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग को नए सूचना आयुक्त मिलने के साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्त आलोक नागर और राजेश भट्ट को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन मंचासीन रहे। समारोह के दौरान राज्यपाल ने दोनों नवनियुक्त सूचना आयुक्तों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
पारदर्शिता को मिलेगा बल
समारोह को संबोधित करते हुए उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि राज्य सूचना आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सूचना आयुक्तों की भूमिका अहम होती है। नए आयुक्तों की नियुक्ति से लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आने और आम नागरिकों को समय पर सूचना मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
शपथ विधि का संचालन
शपथ ग्रहण की औपचारिकता का संचालन अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने किया। समारोह में प्रशासनिक गरिमा और औपचारिकता के बीच शपथ प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसके बाद दोनों आयुक्तों ने पदभार संभालने की औपचारिकताओं को पूरा किया।
अनेक वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सूचना आयुक्त ओंकार नाथ, वंदना गांधी, उमाशंकर पचौरी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक सिंह, पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सूचना आयुक्तों के परिजन तथा लोकभवन एवं सूचना आयोग के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
नवनियुक्त सूचना आयुक्तों के पदभार ग्रहण करने से राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निराकरण में गति आएगी और शासन-प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ेगी।यह नियुक्ति नागरिकों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन की अवधारणा को और बल मिलेगा।
