मानसून गश्ती में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, आरक्षित वन भूमि पर खेती की तैयारी कर रहे आरोपियों पर कसा शिकंजा; ट्रैक्टर, कल्टीवेटर और लेवलर जब्त
दमोह, बुधवार 1 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण और वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए दमोह वन मंडल लगातार सख्त अभियान चला रहा है। मानसून के दौरान वन क्षेत्रों में बढ़ते अवैध अतिक्रमण और खेती की कोशिशों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से वन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से जुताई कर रहे ट्रैक्टर को कृषि उपकरणों सहित जब्त कर लिया। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
वन मंडलाधिकारी (DFO) ईश्वर जरांडे एवं अनुविभागीय वन अधिकारी (SDO) एम.डी. मानिकपुरी के निर्देशन में वन परिक्षेत्र दमोह की टीम मानसून गश्ती पर थी। इसी दौरान घाट पिपरिया बीट के कक्ष क्रमांक आर.एफ.-95, ग्राम मुहली में गश्ती दल ने देखा कि आरक्षित वन भूमि को तोड़कर उस पर खेती करने की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से सोनालिका DI-60 सिकंदर ट्रैक्टर, कल्टीवेटर एवं लेवलर ब्लेड जब्त कर लिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वन भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे कृषि योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा था, जो वन संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
दो आरोपी गिरफ्तार, अपराध स्वीकारने की बात
कार्रवाई के दौरान बृजेश यादव पिता कमलेश यादव एवं उत्तम गौंड पिता शिवराज गौंड, दोनों निवासी ग्राम मुहली को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वन भूमि पर अवैध जुताई किए जाने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम

यह पूरी कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम चौधरी के नेतृत्व में परिक्षेत्र सहायक देवेंद्र शुक्ला, प्रमोद रावत, वन रक्षक राहुल गौंड, अमान सिंह ठाकुर एवं पंकज पटेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान वन क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वन भूमि पर अवैध जुताई, अतिक्रमण, कटाई या कब्जा करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम एवं अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन भूमि पर अवैध कब्जा, कटाई या जुताई जैसी गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
वन बचेंगे तो भविष्य सुरक्षित रहेगा
वन विभाग का कहना है कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जल स्रोतों, वन्यजीवों, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की जीवनरेखा हैं। बढ़ते अतिक्रमण से प्राकृतिक संसाधनों पर गंभीर संकट उत्पन्न होता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह वन संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए और पर्यावरण बचाने के इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करे।
अधिकारियों ने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे और वन भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
