दमोह, 07 अप्रैल (मंगलवार) 2026। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने मंगलवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर फरवरी 2026 माह में अनिराकृत पाई गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने 20 विभिन्न विभागों के एल-1 अधिकारियों पर कुल 4,900 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। यह दंड 100 रुपये प्रति शिकायत के मान से लगाया गया है।जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों ने निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं किया तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की भी अनदेखी की। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जवाबदेही तय की है।
तीन दिवस में जमा करनी होगी राशि
कलेक्टर कोचर ने आदेशित किया है कि अधिरोपित जुर्माने की राशि तीन दिवस के भीतर जिला रेडक्रॉस सोसायटी दमोह के बैंक खाते में जमा की जाए। साथ ही राशि जमा करने के बाद उसकी रसीद कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
शिकायतों में ढिलाई नहीं होगी बर्दाश्त
कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतें सीधे आम नागरिकों से जुड़ी होती हैं, इसलिए उनका समयबद्ध निराकरण प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है और इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है।उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्थिति में शिकायतें समय-सीमा से बाहर न जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में शिकायतों के अनिराकृत रहने की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अन्यथा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जवाबदेही तय करने की सख्त पहल
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित राहत देना है, लेकिन समय पर निराकरण नहीं होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि अब लापरवाही करने वाले अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
जनता की समस्याओं के प्रति प्रशासन गंभीर
मंगलवार को की गई इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इससे विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की गति तेज होने की उम्मीद है।यह कार्रवाई प्रशासन की कार्यशैली को दर्शाती है कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वालों पर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। कलेक्टर कोचर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों को प्राथमिकता में लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को राहत मिले और शासन की जनसेवा व्यवस्था मजबूत हो सके।
