करीब 10 हजार पंजीयन की चर्चा, करोड़ से अधिक की रकम का अंदेशा; पुलिस जांच की बात कर रही, लेकिन कार्रवाई अब तक शून्य
(डॉ एल एन वैष्णव)

दमोह ,16 मार्च 2026/दमोह में शादी करवाने के नाम पर आयोजित कथित विवाह परिचय सम्मेलन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। कार्यक्रम में पहुंचे युवकों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि उनसे 1100-1100 रुपए लेकर रजिस्ट्रेशन कराया गया, लेकिन कार्यक्रम में न तो वैसी व्यवस्था दिखाई दी और न ही वह माहौल बना जिसकी पहले से प्रचारित जानकारी दी गई थी।युवतियों की अपेक्षित संख्या नहीं पहुंचने और कार्यक्रम में अव्यवस्था के कारण लोगों में नाराजगी भड़क गई। मौके पर विरोध और हंगामे की स्थिति बन गई तथा कई लोगों ने आयोजकों से अपने पैसे वापस करने की मांग की।
10 हजार रजिस्ट्रेशन की चर्चा, करोड़ से अधिक की रकम?-
शहर और आसपास के क्षेत्रों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि इस सम्मेलन के लिए करीब 10 हजार तक रजिस्ट्रेशन कराए गए थे। यदि प्रत्येक व्यक्ति से 1100 रुपए लिए गए हैं तो यह रकम एक करोड़ रुपए से भी अधिक तक पहुंच सकती है।ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी राशि आखिर किसके पास गई और इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी किसकी थी।
24 घंटे से ज्यादा बीत गए, लेकिन FIR नहीं-
घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस थाने में कोई FIR दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।जबकि कार्यक्रम में हंगामा हुआ, बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और खुले तौर पर पैसे लेने के आरोप लगे। इसके बावजूद केवल “जांच की बात” कही जा रही है, लेकिन कानूनी कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हुई है।लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इतने बड़े मामले में भी कार्रवाई टालने की कोशिश हो रही है?
आखिर इतना बड़ा आयोजन कैसे हो गया?-

बताया जा रहा है कि सम्मेलन के लिए गांव-गांव जाकर युवकों से पंजीयन कराया गया। फोटो, मोबाइल नंबर और शुल्क लेकर लोगों को कार्यक्रम में बुलाया गया।ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि जब इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन और प्रचार हो रहा था, तब प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
क्या इस आयोजन के लिए कोई अनुमति ली गई थी? यदि नहीं, तो फिर इतनी बड़ी भीड़ कैसे इकट्ठा हो गई?
कुछ प्रभावशाली नामों की भी चर्चा
इस आयोजन को लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि इस पूरे आयोजन में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है।यहां तक कि स्थानीय स्तर पर कुछ चर्चित मीडिया से जुड़े चेहरों और एक पूर्व पुलिस अधिकारी का नाम भी चर्चा में लिया जा रहा है। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सवाल लगातार उठ रहे हैं।
लोग पूछ रहे – जिम्मेदार कौन?-
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
- हजारों युवकों से पैसे लेकर यह आयोजन किसने किया?
- इतनी बड़ी भीड़ जुटने के बाद भी प्रशासन को जानकारी क्यों नहीं हुई?
- और सबसे अहम, 24 घंटे बाद भी FIR क्यों नहीं दर्ज हुई?
जब तक इन सवालों का जवाब सामने नहीं आता, तब तक यह मामला केवल एक असफल कार्यक्रम नहीं बल्कि एक संभावित आर्थिक गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देखा जाता रहेगा।
