दमोह। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति दमोह के प्रभारी अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर एवं स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 108 हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए पात्र हितग्राहियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं, बेरोजगारों एवं छोटे उद्यम स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। वर्तमान समय में रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए यह योजना युवाओं के लिए अपने सपनों का व्यवसाय शुरू करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
श्री फुलपगारे ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 10 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा ब्याज अनुदान योजना का लाभ भी दिया जाएगा। बैंक द्वारा वितरित एवं शेष ऋण राशि पर 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान निगम द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा अधिकतम पांच वर्षों तक उपलब्ध रहेगी, बशर्ते हितग्राही नियमित रूप से ऋण की किश्तों का भुगतान करता रहे।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही वह अनुसूचित जाति वर्ग का सदस्य हो तथा उसकी आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था अथवा सहकारी बैंक का चूककर्ता (डिफाल्टर) नहीं होना चाहिए।
योजना के माध्यम से किराना दुकान, डेयरी व्यवसाय, पशुपालन, मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, कंप्यूटर सेंटर, सिलाई-कढ़ाई इकाई, कृषि आधारित लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त किया जा सकता है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि जिले में उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
श्री फुलपगारे ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति आसानी से योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इच्छुक आवेदक https://samast.mponline.gov.in के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि योजना अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक उत्थान एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का अवसर प्राप्त होगा। शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें तथा समाज के विकास में योगदान दें।
योजना संबंधी विस्तृत जानकारी, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में इच्छुक व्यक्ति कार्यालयीन समय में कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर स्थित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कार्यालय, कक्ष क्रमांक-20, दमोह में संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन ने पात्र युवाओं एवं इच्छुक हितग्राहियों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन कर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
