दमोह, 18 मार्च 2026 (बुधवार)जिले में हुए बहुचर्चित अंधे हत्याकांड का खुलासा आज संध्या के समय दमोह पुलिस कंट्रोल रूम में किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया ने प्रेसवार्ता में पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला बेहद पेचीदा और चुनौतीपूर्ण था, जिसमें हत्या के तरीके को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां सामने आ रही थीं। कभी गोली चलने की बात सामने आई तो कभी चाकू से हमले की, जिससे जांच और अधिक जटिल हो गई थी।
उन्होंने बताया कि 4 मार्च 2026 को होली के दिन शाम करीब 6:30 से रात 9 बजे के बीच देहात थाना क्षेत्र के ग्राम इछना के पास लाल टोरिया-वालाकोट मार्ग पर युवक चंदू रैकवार की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और परिजनों सहित स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल था। प्रारंभ में आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिलने के कारण पुलिस ने इसे अंधे हत्याकांड के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों और टीम वर्क से सुलझी गुत्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों पर लगातार नजर रखी गई। पुलिस की इस बहुस्तरीय रणनीति के चलते धीरे-धीरे आरोपियों की पहचान सामने आई और उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए गए।
नाबालिग बना मुख्य आरोपी, 5 गिरफ्तार
एडिशनल एसपी भदोरिया ने बताया कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में एक नाबालिग मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है, जबकि अन्य आरोपी उसके सहयोगी के रूप में शामिल थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 5 आरोपियों—शिवम विश्वकर्मा (21), पप्पू आदिवासी (19), अरविंद चौरसिया (24), अभय शुक्ला (20) और लकी यादव (22)—को गिरफ्तार कर लिया है। एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर बाल न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को विश्वास है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हत्या का कारण और घटनाक्रम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आपसी विवाद और पुरानी रंजिश इस हत्या की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस अभी इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।घटना के दिन होली का त्योहार होने के कारण क्षेत्र में भीड़-भाड़ और अव्यवस्था का माहौल था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
अधिकारियों की उपस्थिति
प्रेसवार्ता के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे, देहात थाना प्रभारी निरीक्षक अमित गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मीडिया के सवालों के जवाब दिए और मामले की पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया।
पुलिस टीम की सराहना
इस जटिल मामले के सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना की। विशेष रूप से देहात थाना पुलिस, साइबर सेल और तकनीकी टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और टीम वर्क के समन्वय से ही इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई जा सकी।
क्षेत्र में लौटी शांति
होली के दिन हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था, लेकिन अब पुलिस के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
