खामियों पर सख्त रुख, खराब संचालन पर कार्रवाई के निर्देश • चार गौशालाओं का औचक निरीक्षण
दमोह, 19 अप्रैल 2026/जिले में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव रविवार सुबह 6 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर निकले और चार गौशालाओं का जायजा लेकर जमीनी हकीकत को परखा। खास बात यह रही कि इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ कोई भी विभागीय अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गौशाला संचालकों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि गौ सेवा जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि गौशालाएं केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि केवल भवन निर्माण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां नियमित रूप से चारा, स्वच्छ पानी, छाया और पशुओं के समय पर उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
मारुताल गौशाला बनी मिसाल
निरीक्षण के दौरान मारुताल गौशाला का संचालन उत्कृष्ट पाया गया। यहां पशुओं की स्थिति संतोषजनक रही और कर्मचारियों की कार्यशैली में प्रतिबद्धता साफ नजर आई। कलेक्टर ने इस गौशाला की सराहना करते हुए इसे अन्य संचालकों के लिए उदाहरण बताया।
खामियों पर सख्ती, कार्रवाई के निर्देश
कुछ गौशालाओं में अव्यवस्थाएं भी सामने आईं, वहीं एक स्थान पर गौशाला बंद पाई गई। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीईओ जिला पंचायत को संबंधित समूहों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां-जहां कमियां मिली हैं, वहां तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनसहभागिता की अपील
कलेक्टर श्री यादव ने जिले के ग्रामवासियों, नगरवासियों और गौशाला संचालकों से अपील की कि वे गौ सेवा को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें तथा केवल औपचारिकता के तौर पर गौशालाओं का संचालन न करें।
