प्रबुद्ध वर्ग, युवा उद्यमियों और मातृशक्ति से सीधा संवाद, 35 गोष्ठियां पूर्ण, शेष अगले सप्ताह

इंदौर, 19 अप्रैल (रविवार)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर महानगर में समाज जागरण और जनसंवाद का व्यापक अभियान तेज़ी से संचालित हो रहा है। वर्षभर चलने वाले इस अभियान के तहत संघ विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर रहा है। महानगर की सामाजिक विविधता और विस्तार को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों का आयोजन नगर-खण्ड संरचना के अनुरूप किया जा रहा है।
इसी क्रम में संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार ने शोधार्थियों, वैज्ञानिकों तथा सीए, सीएस और आर्किटेक्ट वर्ग के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा ‘धर्म’ में निहित है, जो संकीर्णता से परे मानव के श्रेष्ठ आचरण, संवेदना और सामाजिक दायित्व का व्यापक दृष्टिकोण है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने इसी विचारधारा के आधार पर संघ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य समाज को एकात्मता के सूत्र में जोड़ना और सांस्कृतिक गौरव का पुनर्जागरण करना था।
अखिल भारतीय सह-संपर्क प्रमुख श्री भारत भूषण ने युवा उद्यमियों और मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि “शाखा” केवल दैनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पद्धति है, जिसने बीते सौ वर्षों में लाखों स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा के लिए तैयार किया है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों ने विभिन्न क्षेत्रों में संगठनों का निर्माण कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे आज वैश्विक स्तर पर भारतीय समाज आत्मविश्वास के साथ खड़ा है।
प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय सह-संयोजक श्री दीपक शर्मा ने क्रीड़ा एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय की सामाजिक चुनौतियों का समाधान एकता और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने “राष्ट्र प्रथम” के भाव को प्रत्येक नागरिक के जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
इन गोष्ठियों में महानगर के प्रबुद्ध एवं प्रभावशाली नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। संवाद के दौरान उपस्थित जनों ने संघ के कार्यों को लेकर जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, प्रश्न पूछे और रचनात्मक सुझाव भी दिए।
संघ की नगर-खण्ड संरचना के अनुसार कुल 59 स्थानों पर जन गोष्ठियों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें से 35 गोष्ठियां सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्यक्रम आगामी सप्ताह में आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से संघ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सकारात्मक संवाद और जागरूकता का सशक्त वातावरण निर्मित कर रहा है।
