दमोह, 25 मई 2026। प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण के क्षेत्र में दमोह जिले ने एक नई उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में जिले को ए-ग्रेड प्राप्त हुआ है, जिसे जिला प्रशासन ने दमोह के इतिहास का अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन बताया है। सोमवार 25 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता एक माह तक लगातार किए गए प्रयासों, सतत मॉनिटरिंग और टीम भावना से कार्य करने का परिणाम है।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का माध्यम है। जिले को ए-ग्रेड मिलना इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक तंत्र बेहतर समन्वय के साथ काम कर रहा है।
बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो आवेदन समय-सीमा से बाहर हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उड़द खरीदी, पंजीयन और परिवहन कार्यों पर भी रही नजर
समय-सीमा बैठक में खरीफ सीजन को देखते हुए उड़द खरीदी पंजीयन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को पंजीयन प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव स्तर पर 29 मई को प्रस्तावित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा भी की गई। बैठक में जनगणना कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपार्जन कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने परिवहन व्यवस्था को और अधिक गति देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। खरीदी और परिवहन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जाए।
पेयजल संकट पर प्रशासन गंभीर, 40 पंचायतों की होगी विशेष समीक्षा
गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में पेयजल व्यवस्था को लेकर विशेष समीक्षा की गई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जिले की 40 पंचायतों से पेयजल संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत सचिवों की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में जल निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के अधिकारी भी शामिल होंगे। पंचायतवार समीक्षा कर समस्याओं का विश्लेषण किया जाएगा और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर है और जहां आवश्यक होगा, वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
मानसून से पहले बाढ़ और आपदा प्रबंधन पर तैयारी के निर्देश
बैठक में आगामी मानसून सीजन को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून माह में संभावित वर्षा को देखते हुए पहले से तैयारी सुनिश्चित कर ली जाए। जिन क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए।
आपदा प्रबंधन, राहत व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता को लेकर विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाएगी।
वेतन और मानदेय भुगतान में देरी पर शासन स्तर तक पहुंचेगा मामला
बैठक में कई विभागों ने बजट अभाव के कारण वेतन और मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं की जानकारी भी दी। इस पर कलेक्टर ने सभी विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी है ताकि शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार कर बजट उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि हाल ही में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के जिले प्रवास के दौरान मनरेगा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया गया था। मंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश देकर आवश्यक बजट उपलब्ध कराने और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही थी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सीएम हेल्पलाइन में ए-ग्रेड प्राप्त करना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारियों को और अधिक गंभीरता से निभाने का संकेत भी है। जिला प्रशासन अब जनसेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा।
