इंदौर। चर्चित और चिन्हित सनसनीखेज हत्या प्रकरण में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए लूट की मंशा से युवक की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या और लूट के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कठोर दंड देते हुए अर्थदंड से भी दंडित किया है।जिला अभियोजन संचालनालय इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को माननीय छब्बीसवें अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती शुभ्रा सिंह की अदालत ने थाना लसूडिया के सत्र प्रकरण क्रमांक 157/2022 में फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी जोया अब्बासी, अल्लू उर्फ शाहरूख तथा आलिम उर्फ बल्लू को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 397/34 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील मणि त्रिपाठी ने पैरवी की। अभियोजन विभाग ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य और चिन्हित प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था तथा हर माह इसकी समीक्षा की जा रही थी। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 14 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया।
यह था पूरा मामला
घटना 6 अक्टूबर 2021 की है। फरियादी सतीश जाटव अपने सहयोगियों के साथ पार्टी के बाद लौट रहा था। देर रात भोजन करने के बाद सभी अलग-अलग अपने घरों के लिए निकले। इसी दौरान पंचमुखी हनुमान मंदिर क्षेत्र के पास बाइक सवार दो युवक और एक युवती ने उनका पीछा किया।
आरोप है कि युवती ने बातचीत के बहाने रोकने की कोशिश की। इसी दौरान एक आरोपी ने देवांशु मिश्रा के गले से सोने की चैन छीन ली। विरोध करने पर आरोपियों ने देवांशु मिश्रा पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में देवांशु को सीने, कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद घायल अवस्था में देवांशु अपने साथी के साथ कमरे तक पहुंचा, लेकिन अगली सुबह वह मृत मिला। सूचना मिलने पर थाना लसूडिया पुलिस ने हत्या और लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक की सोने की चैन सहित अन्य सामान बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह फैसला जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त न्यायिक कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
