जबेरा विधानसभा क्षेत्र के दो गांवों में शनिवार शाम बारिश के दौरान गिरी बिजली, घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी, प्रशासन ने शुरू की जांच
दमोह, 27 जून (शनिवार)। मध्यप्रदेश के दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली ने दो अलग-अलग स्थानों पर भारी तबाही मचा दी। पहली घटना नोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम माला मानगढ़ में हुई, जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरी घटना थाना जबेरा क्षेत्र के ग्राम चंडी चोपरा में हुई, जहां बिजली गिरने से एक पशुपालक की 12 बकरियां मौके पर ही मर गईं। दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है।
बारिश के बीच खेत से लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 27 जून, शनिवार शाम लगभग 5 बजे ग्राम माला मानगढ़ में अचानक तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उस समय क्षेत्र के कुछ लोग खेत और आसपास के इलाके में मौजूद थे। बिजली गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग इसकी चपेट में आ गए।
हादसे में रतन आदिवासी (28 वर्ष), पिता रामप्रसाद आदिवासी, निवासी माला मानगढ़ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भारती आदिवासी, उमा आदिवासी, वेदरानी आदिवासी, कोदू आदिवासी, मदन और मालती आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गए।
जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय दमोह भेजा गया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की लगातार निगरानी की जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई शुरू की तथा मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।
दूसरी घटना में पशुपालक को भारी नुकसान
इसी दौरान थाना जबेरा क्षेत्र के ग्राम चंडी चोपरा में भी आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। गांव निवासी हल्लू धनगर (55 वर्ष) रोज की तरह अपनी बकरियों को जंगल से चराकर वापस लौट रहे थे। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वे अपनी बकरियों के साथ एक पेड़ के नीचे रुक गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिर गई।बिजली की चपेट में आने से 4 बकरे और 8 बकरियां, कुल 12 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि हल्लू धनगर बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी आजीविका का बड़ा सहारा खत्म हो गया।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवनों में शरण लें तथा बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
फिलहाल दोनों घटनाओं में पुलिस एवं प्रशासन आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों और पशुपालक को शासन से शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है
