नोहटा में विशेष जनसुनवाई, 56 आवेदन प्राप्त; कई मामलों का मौके पर समाधान, शेष पर अधिकारियों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश
दमोह। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता और जनप्रतिनिधि के बीच सीधा संवाद होता है। जब जनता की समस्याएं सरकारी दफ्तरों की फाइलों में उलझने लगती हैं, तब जनसुनवाई जैसी पहल शासन और समाज के बीच विश्वास की नई कड़ी बनती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए जबेरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने शनिवार को नोहटा स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय में विशेष जनसुनवाई आयोजित कर क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं।
जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। किसी ने सड़क निर्माण की मांग रखी, किसी ने बिजली, पेयजल, सिंचाई, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि सहायता तथा भूमि संबंधी समस्याएं मंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं। मंत्री ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस दौरान 56 लिखित आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कई नागरिकों ने मौखिक रूप से भी अपनी समस्याएं बताईं। प्राप्त आवेदनों में से अनेक मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि शेष मामलों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब आम नागरिक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों तक भटकना न पड़े। जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों की घोषणा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि शासन की योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता और गंभीरता से लें। यदि कोई मामला नियमों के दायरे में है तो उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। अनावश्यक विलंब जनता के विश्वास को कमजोर करता है और सुशासन की भावना के विपरीत है।
लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ी शक्ति
मंत्री लोधी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सर्वोपरि है। जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास, जवाबदेही और पारदर्शिता का मजबूत मंच है। जब जनप्रतिनिधि स्वयं लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनता है, तब प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक उत्तरदायी बनती है।
उन्होंने कहा कि विकास केवल भवन, सड़क और पुल बनाने से नहीं होता, बल्कि तब होता है जब प्रत्येक नागरिक को न्याय, सम्मान और समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध हों। यही सुशासन की पहचान है।
हर शनिवार होगी नियमित जनसुनवाई
मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने घोषणा की कि नोहटा स्थित कार्यालय में प्रत्येक शनिवार प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे सीधे जनसुनवाई में आएं और अपनी बात रखें।उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से अधिकांश समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव है। इससे लोगों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों बचेंगे।
जबेरा विधानसभा को प्रदेश की आदर्श विधानसभा बनाने का संकल्प
मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल समस्याओं का निराकरण करना नहीं, बल्कि ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है जिसमें जनता को सम्मान मिले, प्रशासन जवाबदेह बने और विकास का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि आने वाले वर्षों में जबेरा विधानसभा विकास, पारदर्शिता, जनसहभागिता और सुशासन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की आदर्श एवं नंबर-एक विधानसभा के रूप में पहचान बनाए।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज का विश्वास जीतना होना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को अपना दायित्व समझे, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है तथा विकास की गति भी तेज होती है।जनसुनवाई के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नियमित जनसुनवाई से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
