इंदौर। वर्ष 2018 में इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में हुई चर्चित हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) एवं अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने छह आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही हत्या के प्रयास के मामले में भी दोषियों को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
यह जानकारी जिला अभियोजन कार्यालय, इंदौर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
लव मैरिज बनी विवाद की वजह
अभियोजन के अनुसार मृतक तेजकरण भालसे ने घटना से करीब तीन महीने पहले प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। इसी बात को लेकर पत्नी के मायके पक्ष के लोग नाराज थे। 26 जुलाई 2018 को आरोपी मृतक के घर पहुंचे और विवाद के दौरान गाली-गलौज शुरू कर दी।जब तेजकरण ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और चाकू व अन्य हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए मनोज पर भी जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल तेजकरण की इलाज के दौरान मौत हो गई।
6 आरोपी दोषी करार
न्यायालय ने आरोपी अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पवार, सोनू दामखे, विशाल खेड़कर और एक बाल अपचारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं हत्या के प्रयास के मामले में भी सभी दोषियों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।
गवाह मुकरा, फिर भी साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
सुनवाई के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने पूर्व बयान से मुकर गया, लेकिन अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरती भदौरिया ने अन्य प्रत्यक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
घटना के बाद भंवरकुआं थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की। जांच में हत्या की पुष्टि होने पर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में चालान न्यायालय में पेश किया गया। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को कठोर सजा सुनाई।यह फैसला प्रेम विवाह को लेकर हुए विवाद में हत्या के चर्चित मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है
