दमोह। पूरे देश के साथ दमोह जिले में भी ईद-उल-फित्र का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, भाईचारे और शांति के माहौल में मनाया गया। नगर के फुटेरा तालाब स्थित ईदगाह मस्जिद में सुबह निर्धारित समय पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकत्र होकर ईद की नमाज़ अदा की।ईद की नमाज़ हाफिज मुनव्वर रज़ा (जामा मस्जिद के पेश इमाम) द्वारा अदा कराई गई। नमाज़ के बाद देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।ईदगाह मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष आज़म खान ने जिले और प्रदेशवासियों को ईद की बधाई देते हुए प्रशासन और पुलिस का आभार व्यक्त किया, जिनकी व्यवस्था के कारण पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
प्रशासन और पुलिस की रही अहम भूमिका

इस बार ईद के साथ ही शहर में चैत्र नवरात्रि का पर्व भी चल रहा है और उसी दिन गणगौर तीज का उत्सव भी था। शहर के फुटेरा तालाब क्षेत्र में ही जिले का प्रमुख आस्था केंद्र बड़ी देवी मंदिर स्थित है, जहां इन दिनों नवरात्रि के कारण प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।ऐसे में दोनों समुदायों के प्रमुख पर्व एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन और पुलिस के सामने व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। लेकिन प्रशासन ने पूरी योजना और समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं।अनिल राठौर (कलेक्टर, दमोह) और श्रुतकीर्ति सोमवंशी (पुलिस अधीक्षक, दमोह) के निर्देशन में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बैठकें और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही थी। सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।
सौहार्द और एकता का उदाहरण बना दमोह
ईद की नमाज़ और नवरात्रि के आयोजन एक साथ होने के बावजूद शहर में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। प्रशासन, पुलिस और समाज के प्रतिनिधियों के सहयोग से दोनों पर्वों का आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ।यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि आपसी समझ, प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक सहयोग से बड़े से बड़े आयोजनों को भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।
