इंदौर/ साहस, संघर्ष और अटूट इच्छाशक्ति का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए इंदौर की प्रतिभाशाली पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी गुनिका शर्मा ने बेंगलुरु में आयोजित 4वीं राष्ट्रीय पैरा ताइक्वांडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही गुनिका शर्मा का चयन एशियन पैरा ताइक्वांडो स्पर्धा के लिए भारतीय टीम में हुआ है, जहां वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
प्रतियोगिता में गुनिका शर्मा ने P-35 पूमसे (Poomsae) वर्ग में उत्कृष्ट तकनीक, संतुलन और एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया। उनके प्रदर्शन में आत्मविश्वास और अनुशासन स्पष्ट दिखाई दिया। कठिन परिस्थितियों में वर्षों की मेहनत का परिणाम उन्हें स्वर्ण पदक के रूप में मिला।
बचपन में कैंसर से जंग, अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
गुनिका शर्मा का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। मात्र तीन वर्ष की आयु में वे ‘मेड्युलोब्लास्टोमा’ (ब्रेन ट्यूमर) जैसी गंभीर बीमारी से जूझीं। वर्ष 2009 में उनके जीवित रहने की संभावना बेहद कम बताई गई थी। लंबे उपचार के बाद उन्होंने बीमारी को मात दी, लेकिन इसके चलते उन्हें 55 प्रतिशत शारीरिक अक्षमता और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इन परिस्थितियों के बावजूद गुनिका ने हार नहीं मानी और खेल को अपना लक्ष्य बनाया। रीढ़ की हड्डी में विकृति और शारीरिक सीमाओं के बावजूद उन्होंने पूमसे की हर मुद्रा में सटीकता दिखाई। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत विजय है बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।
सपना शर्मा ने भी जीता स्वर्ण
इसी प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सपना शर्मा ने P-50 व्हीलचेयर पूमसे वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक हासिल कर इंदौर ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। लगातार चौथी बार स्वर्ण जीतकर सपना शर्मा ने अपनी श्रेष्ठता साबित की और पैरा ताइक्वांडो में प्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
अंतरराष्ट्रीय कोच के मार्गदर्शन में मिली सफलता
गुनिका शर्मा और सपना शर्मा ने पैरा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय कोच मिथिलेश कैमरेकर के मार्गदर्शन में प्राप्त किया। मिथिलेश कैमरेकर पूर्व में बहरीन में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पैरा ताइक्वांडो दल का नेतृत्व भी कर चुके हैं। उनके निर्देशन में खिलाड़ियों ने तकनीकी दक्षता, संतुलन और मानसिक मजबूती पर विशेष अभ्यास किया।
पदाधिकारियों ने दी बधाई
मध्य प्रदेश पैरा ताइक्वांडो संघ के पदाधिकारियों ने दोनों खिलाड़ियों और कोच को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में पैरा खेलों को नई दिशा देगी। संघ के सचिव सुनील भारती ने बताया कि खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी और प्रदेश से अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
प्रेरणादायी बनी उपलब्धि
गुनिका शर्मा की यह जीत केवल एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि साहस और संघर्ष की कहानी है। गंभीर बीमारी, शारीरिक अक्षमता और लंबी चिकित्सा प्रक्रिया के बाद भी उन्होंने खेल को चुना और आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का गौरव हासिल किया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
