( डॉ. एल.एन. वैष्णव)
दमोह, 16 अप्रैल (गुरुवार)मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में आज संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के सभाकक्ष में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान विद्यार्थियों को मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया, वहीं उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।
“यह सिर्फ शुरुआत है, आगे और ऊंचाइयां हासिल करनी हैं”
अपने प्रेरणादायक संबोधन में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि विद्यार्थियों ने सफलता की पहली सीढ़ी पार कर ली है, लेकिन असली सफर अभी बाकी है। उन्होंने कहा—“सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। जब हम अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर लेते हैं, तो उसे पाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं।”उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने लक्ष्य को ऊंचा रखें और उसी अनुरूप मेहनत करें। आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां दोनों बढ़ेंगी, इसलिए अभी से अनुशासन, परिश्रम और निरंतरता को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
गुरु ही गढ़ते हैं भविष्य, ‘पारस पत्थर’ की दी संज्ञा
कलेक्टर यादव ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें ‘पारस पत्थर’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा—“गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं। उनके मार्गदर्शन से ही सामान्य छात्र असाधारण उपलब्धियां हासिल करते हैं।”उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सही दिशा, कड़ी मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही कोई छात्र मेरिट सूची में स्थान बना पाता है।
अभावों के बावजूद सफलता, बना प्रेरणा स्रोत
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि कई छात्र-छात्राएं सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेरिट सूची में स्थान बनाने में सफल रहे। किसी के माता-पिता किसान हैं, तो कोई साधारण नौकरीपेशा परिवार से आता है, लेकिन सभी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
“रील नहीं, रियल लाइफ पर दें ध्यान” – वाय.ए. कुरैशी
इस अवसर पर जिला जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आधुनिक समय की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा—“आज के दौर में युवाओं को सोशल मीडिया की ‘रील’ दुनिया से बचकर ‘रियल’ जीवन में अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए।”उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास को सफलता का मूल मंत्र बताया। साथ ही माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान को जीवन में सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उनके संबोधन के दौरान विद्यार्थियों ने कई बार तालियों से उत्साह व्यक्त किया और उनके विचारों पर गंभीरता से चिंतन करते नजर आए।
शिक्षा विभाग ने भी दी शुभकामनाएं
जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल छात्रों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों को भी साधुवाद दिया, जिनके मार्गदर्शन में छात्रों ने यह मुकाम हासिल किया।
सम्मान और प्रेरणा का बना संगम
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर द्वारा सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभाकक्ष तालियों की गूंज से गूंज उठा और विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और गर्व साफ झलक रहा था।
प्रेरणा का संदेश
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बना। इसने यह संदेश दिया कि—“मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।”
