इंदौर के ब्रजेश्वरी (एनएक्स) स्थित ‘अर्हम विला’ में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुगलिया परिवार से हुई पूछताछ में ईवी कार चार्जिंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मनोज पुगलिया के तीनों बेटों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें कार को रात में चार्जिंग पर लगाने की बात सामने आई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन से आग लगने की आशंका और मजबूत हो गई है।इस हादसे में मनोज पुगलिया सहित सिमरन पुगलिया, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका संचेती, राशि, तनय और कार्तिक की जलने तथा दम घुटने से मौत हो गई थी। घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था।
छोटे बेटे ने रात 11 बजे लगाई थी चार्जिंग
पुलिस पूछताछ में सौरभ और हर्षित पुगलिया ने स्वीकार किया कि ईवी कार घर में चार्जिंग पर लगाई गई थी।
- सौरभ ने बताया कि वह चार्जर निकालकर सो गया था
- बाद में छोटे भाई हर्षित कार लेकर आया
- हर्षित ने रात करीब 11 बजे कार चार्जिंग पर लगा दी
- इसके बाद सभी सो गए
करीब चार घंटे चली पूछताछ में सौरभ, सौमिल, हर्षित के साथ उनके दोस्त ऋषभ जादौन और शिवेंद्र के भी बयान दर्ज किए गए।
स्मार्ट मीटर डेटा ने भी पुष्टि की
बिजली कंपनी ने पहले ही स्मार्ट मीटर डेटा के आधार पर आग का कारण ईवी चार्जिंग बताया था।
- रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक भारी लोड दर्ज
- मीटर में लगभग 9 किलोवाट तक खपत रिकॉर्ड
- नियमित रूप से इसी समय कार चार्ज होने के संकेत
हर्षित के बयान से बिजली कंपनी के इस दावे को मजबूती मिली है।
घर में रखे थे कई गैस सिलेंडर
पूछताछ में घर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर होने का भी खुलासा हुआ।
सौरभ ने बताया कि
- 23 जनवरी को सौमिल की शादी थी
- कार्यक्रम के बाद कुछ सिलेंडर बच गए थे
- पिता मनोज पुगलिया ने आगामी आयोजन के लिए सिलेंडर रखे थे
- घर में अलग-अलग गैस कनेक्शन भी मौजूद थे
विशेषज्ञों का मानना है कि आग भड़कने में इन सिलेंडरों ने भी नुकसान बढ़ाया हो सकता है।
15 किलोवाट कनेक्शन पर पड़ रहा था भारी लोड
बिजली कंपनी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार
- घर में 15 किलोवाट का बिजली कनेक्शन स्वीकृत था
- ईवी चार्जिंग के दौरान 9 किलोवाट तक लोड दर्ज हुआ
- रोजाना रात में कार चार्जिंग का पैटर्न मिला
- ट्रांसफार्मर और स्मार्ट मीटर डेटा भी खंगाला गया
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल
- फोरेंसिक टीम जांच कर रही है
- बिजली कंपनी की विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी
- ईवी एक्सपर्ट भी तकनीकी विश्लेषण कर रहे हैं
तीनों रिपोर्ट के आधार पर आग लगने का अंतिम कारण तय किया जाएगा। हालांकि अभी तक की जांच में ईवी चार्जिंग से आग लगने की संभावना सबसे अधिक बताई जा रही है।
