युवाओं को जाल में फंसा रहा गिरोह — 30 लाख से अधिक का सामान जब्त, 9 आरोपी जेल भेजे
(डॉ एल एन वैष्णव)
दमोह, 21 मार्च 2026। दमोह पुलिस ने युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर सट्टेबाजी के जाल में फंसाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शनिवार 21 मार्च की शाम दमोह पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया ने मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) एच.आर. पांडे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भदोरिया ने बताया कि गिरोह शहर में किराए के मकान से “WINBUZZ” नामक इंटरनेशनल ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा संचालित कर रहा था। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग कर लाखों रुपये का लेन-देन कर रहे थे। साइबर सेल की तकनीकी निगरानी के बाद लोकेशन ट्रेस कर दमोह देहात पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई और मौके से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
30 लाख से ज्यादा का सामान जब्त
पुलिस कार्रवाई में 26 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप, एयरटेल कंपनी के ब्रॉडबैंड व राउटर, चार्जर, बैंक दस्तावेज, एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन और 8 लाख रुपये नगद बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 30 लाख 26 हजार रुपये बताई गई है।
कई राज्यों से जुड़े आरोपी, संगठित तरीके से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। यह गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर सट्टा खिलाने का काम कर रहा था। आरोपी युवाओं को जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर जोड़ते थे और फिर फर्जी सिम व बैंक खातों के जरिए लेन-देन करते थे।
समाज के लिए चेतावनी — ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर बढ़ रहा अपराध
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रही है। कई लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें इस तरह के प्लेटफॉर्म से दूर रखें।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ठगों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों के माध्यम से लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुलिस ऐसे नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
साइबर सेल और पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सेल से राकेश अठ्या, सौरभ टंडन एवं उनके साथियों ने तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह तक पहुंचने में मदद की। इसके साथ ही निरीक्षक अमित गौतम, निरीक्षक नेहा गोस्वामी, उप निरीक्षक विक्रम डांगी, उप निरीक्षक रोहित द्विवेदी सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गेमिंग या सट्टेबाजी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
