1 से 10 अक्टूबर तक नई व्यवस्था का ट्रायल, घंटाघर पर ऑटो-ई-रिक्शा के लिए पांच डायवर्जन प्वाइंट और शहर में नए पार्किंग स्थल तय
दमोह। शहर की लगातार बढ़ती यातायात समस्या, प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम और वाहनों के बेतरतीब संचालन से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से नई यातायात व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बसों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जबकि घंटाघर क्षेत्र में ऑटो एवं ई-रिक्शा के दबाव को कम करने के लिए डायवर्जन प्वाइंट तय किए गए हैं। नई व्यवस्था को पहले प्रायोगिक तौर पर लागू किया जाएगा।कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों और बस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में जाम की समस्या कम करने, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने, सार्वजनिक परिवहन को व्यवस्थित करने तथा पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया गया।
1 से 10 अक्टूबर तक बस स्टैंड की नई व्यवस्था का ट्रायल
बैठक में बस स्टैंड की यातायात व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बस स्टैंड चौक और बस स्टैंड परिसर में बसों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बसों के प्रवेश के दो अलग-अलग मार्ग तथा निकास के लिए तीन मार्ग निर्धारित किए गए हैं।इस व्यवस्था का 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान यातायात पुलिस, नगर पालिका, परिवहन विभाग और बस एसोसिएशन के प्रतिनिधि व्यवस्था की निगरानी करेंगे। यदि प्रयोग के दौरान व्यवस्था सुविधाजनक और व्यवहारिक पाई गई तो इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।
शहर में बनाए जाएंगे निर्धारित बस स्टॉप
सार्वजनिक परिवहन को निर्धारित स्थानों पर संचालित करने के लिए शहर में कई बस स्टॉप और पिकअप प्वाइंट प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें किल्लाई नाका, महाराणा प्रताप चौक यानी जबलपुर नाका, किल्लाई रोड स्थित आयुष चिकित्सालय के पास, शिक्षा सदन के सामने, सिंधी कैंप के पास, तीन गुल्ली के आगे बीज भंडार वेयर हाउस के पास तथा विपणन केंद्र तीन गुल्ली शामिल हैं।इन प्रस्तावित स्थानों का संबंधित अधिकारी एवं बस एसोसिएशन के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे और वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
घंटाघर के पांच रास्तों पर ऑटो-ई-रिक्शा का डायवर्जन
शहर के प्रमुख यातायात केंद्र घंटाघर पर वाहनों का दबाव कम करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए घंटाघर की ओर आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा के लिए पांच प्रमुख स्थानों पर डायवर्जन की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।इनमें मोहन टॉकीज तिराहा, अंबेडकर चौक, एवरेस्ट तिराहा, मांगंज तिराहा और विंदन तिराहा यानी उमा मिस्त्री की तलैया शामिल हैं। इन स्थानों से यातायात को आवश्यकतानुसार डायवर्ट कर घंटाघर क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा।
ऑटो-ई-रिक्शा के लिए तय होंगे अलग पार्किंग स्थल
ऑटो एवं ई-रिक्शा को सड़क किनारे बेतरतीब खड़े होने से रोकने के लिए पांच स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें गुरु गोविंद सिंह पार्क के सामने, मानस भवन, रानी दुर्गावती स्कूल के बगल से, प्रकाश शाखा मैदान और उमा मिस्त्री की तलैया शामिल हैं।प्रशासन का मानना है कि निर्धारित पार्किंग स्थल पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से मुख्य मार्गों पर अनावश्यक यातायात दबाव कम किया जा सकेगा।
तीन स्थानों पर चार पहिया और दो पहिया वाहनों की पार्किंग
शहर में निजी वाहनों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए भी तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रकाश शाखा, पशु चिकित्सालय परिसर और मांगंज स्कूल ग्राउंड शामिल हैं।नगर पालिका अधिकारी को यातायात थाना प्रभारी के साथ समन्वय कर सात दिनों के भीतर इन स्थानों पर आवश्यक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जाम और दुर्घटनाओं से राहत दिलाने की कोशिश
बैठक में अधिकारियों ने माना कि शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए केवल नियम लागू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बस, ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों के लिए निर्धारित रूट एवं पार्किंग व्यवस्था को व्यवहार में लाना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से नई व्यवस्थाओं को पहले ट्रायल के रूप में लागू किया जा रहा है।यदि बस स्टैंड की नई एंट्री-एग्जिट व्यवस्था सफल रहती है और डायवर्जन तथा पार्किंग व्यवस्था भी प्रभावी साबित होती है, तो आने वाले समय में इन्हें स्थायी रूप दिया जा सकता है। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम कम करने और यातायात को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, यातायात प्रभारी, नगर पालिका अधिकारी, परिवहन अधिकारी, विभिन्न सड़क एजेंसियों के पदाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा बस एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
