भोपाल/दमोह/ मध्यप्रदेश शासन ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस सूची में दमोह जिले से भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। वर्तमान कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को नई जिम्मेदारी देते हुए उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय तथा कार्यपालन संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन भोपाल (एप्को) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं प्रताप नारायण यादव को दमोह जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
दो वर्ष से अधिक दमोह में रहे कोचर, नवाचारों के लिए पहचान
सुधीर कुमार कोचर वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने दमोह जिले में दो वर्ष से अधिक समय तक कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने प्रशासन को जनसरोकारों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। जल संकट से निपटने के लिए मैदानी निरीक्षण, गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान, समयबद्ध कार्ययोजना और नवाचार आधारित पहलें उनकी कार्यशैली की प्रमुख पहचान रहीं।
उनके कार्यकाल में पेयजल व्यवस्था सुधार, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग, तथा विकास कार्यों की नियमित समीक्षा जैसे कदम उठाए गए। कई मौकों पर उन्होंने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान कराया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति आई।
मुख्यमंत्री कार्यालय में नई जिम्मेदारी
शासन द्वारा उन्हें उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी देने के साथ ही पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन भोपाल (एप्को) के कार्यपालन संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। यह पद राज्य स्तर पर नीति निर्माण और पर्यावरणीय योजनाओं के समन्वय से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व माना जाता है।
प्रताप नारायण यादव संभालेंगे दमोह की कमान
वहीं प्रताप नारायण यादव को दमोह जिले की कमान सौंपी गई है। वे वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश शासन के मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ थे। प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उन्हें जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक अनुभव और नई चुनौतियां
नए कलेक्टर के रूप में प्रताप नारायण यादव के सामने जिले में चल रही विकास योजनाओं को गति देना, जल संकट से निपटना, ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना, तथा शासन की प्राथमिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।जिले में हाल के दिनों में पेयजल संकट, ग्रामीण विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। ऐसे में नए कलेक्टर से इन विषयों पर तेज निर्णय और मैदानी सक्रियता की अपेक्षा की जा रही है।प्रशासनिक फेरबदल के बाद दमोह में नए कलेक्टर के पदभार ग्रहण को लेकर अधिकारियों और आमजन में चर्चा तेज हो गई है। वहीं सुधीर कुमार कोचर के कार्यकाल को लेकर भी जिले में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
