दमोह/जिले के रनेह थाना से पुलिस अभिरक्षा में रखा गया एक आरोपी देर रात फरार हो गया। पुलिस हिरासत से आरोपी के भागने की इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। घटना के बाद एक ओर पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है, तो दूसरी ओर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और थाना अभिरक्षा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार फरार आरोपी की पहचान लीलाधर चौधरी के रूप में हुई है। आरोपी एक तथाकथित डॉक्टर है। उस पर आरोप है कि उसके द्वारा किए गए उपचार के कारण एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई थी। घटना के बाद मृत बच्ची के परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला था और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रनेह थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 सहित संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था तथा पूछताछ के लिए थाना अभिरक्षा में रखा गया था।
रात के अंधेरे में पुलिस अभिरक्षा से फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 3:30 से 4:00 बजे के बीच आरोपी पुलिस की अभिरक्षा से भागने में सफल हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी के फरार होने की पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई और आरोपी किस रास्ते से फरार हुआ।
कई गंभीर सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था
पुलिस अभिरक्षा से आरोपी का फरार होना सामान्य घटना नहीं मानी जाती। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि थाना परिसर में मौजूद आरोपी ही पुलिस की निगरानी से निकल जाता है, तो सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। यह भी जांच का विषय है कि घटना के समय ड्यूटी पर कौन-कौन पुलिसकर्मी तैनात थे, क्या निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई।
आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें सक्रिय
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है तथा जिले की सीमाओं और अन्य थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
एसपी आनंद कलादगी का बयान
इस मामले में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में आरोपी लीलाधर चौधरी के विरुद्ध एक नई एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।
एसपी आनंद कलादगी ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी जितनी गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम में अब दो महत्वपूर्ण पहलू सामने हैं। पहला, फरार आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करना और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि पुलिस अभिरक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में हुई चूक की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। पुलिस अभिरक्षा से आरोपी के फरार होने की घटना ने पुलिस विभाग की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस न केवल आरोपी को कितनी जल्दी गिरफ्तार करती है, बल्कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई करती है।
