दमोह, 24 जुलाई 2026/जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को एक साथ 120 राशन दुकानों पर आकस्मिक छापेमारी की। जनसुनवाई, सोशल मीडिया और आम नागरिकों से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर जिलेभर में 120 अलग-अलग जांच दल गठित किए गए, जिन्होंने निर्धारित समय पर एक साथ राशन दुकानों का निरीक्षण किया।
इस व्यापक कार्रवाई में 120 में से 44 राशन दुकानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न के मिलान में कुल 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी का खुलासा हुआ। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी गड़बड़ी मानते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि जिन राशन दुकानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके संचालकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत तत्काल नोटिस जारी कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के राशन में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर, पूरी मात्रा में और बिना किसी परेशानी के खाद्यान्न उपलब्ध हो। यदि कोई संचालक इस व्यवस्था से खिलवाड़ करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
37 दुकानों में 10 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न की गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान 44 दुकानों में अनियमितताएं मिलीं, जिनमें से 37 दुकानों में 10 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न की कमी पाई गई। कई स्थानों पर रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर सामने आया।
सबसे बड़ी अनियमितताएं निम्नलिखित राशन दुकानों में पाई गईं—
- मड़ियादो क्रमांक-2 में 185 क्विंटल गेहूं एवं 8 क्विंटल चावल की कमी।
- मोहरा में 140 क्विंटल गेहूं एवं 32 क्विंटल चावल कम मिला।
- लरगुवां में 87 क्विंटल गेहूं एवं 27 क्विंटल चावल का अंतर पाया गया।
- सेवा सभा आंजनी में 63 क्विंटल गेहूं एवं 4 क्विंटल चावल कम मिला।
- सहजपुर में 62 क्विंटल गेहूं एवं 15 क्विंटल चावल की कमी मिली।
- सेवा सभा पोड़ी मानगढ़ में 56 क्विंटल गेहूं एवं 8 क्विंटल चावल का अंतर मिला।
- फुटेरा कला क्रमांक-1 में 45 क्विंटल गेहूं एवं 35 क्विंटल चावल कम पाए गए।
- सुनकड़ में 42 क्विंटल गेहूं एवं 10 क्विंटल चावल की कमी सामने आई।
- मराहार में 40 क्विंटल गेहूं एवं 10 क्विंटल चावल कम मिले।
- किल्लाई में 33 क्विंटल गेहूं एवं 4 क्विंटल चावल का अंतर मिला।
- सतपारा में 32 क्विंटल गेहूं एवं 32 क्विंटल चावल की हेराफेरी सामने आई।
इसके अलावा अन्य कई दुकानों में भी खाद्यान्न के स्टॉक में गंभीर अंतर दर्ज किया गया।
पीओएस मशीन के रिकॉर्ड से खुली पोल
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से संचालित की जा रही है। प्रत्येक राशन दुकान का खाद्यान्न स्टॉक पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में ऑनलाइन दर्ज रहता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न से मिलान किया। जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया, वहां अनियमितता दर्ज की गई। कई दुकानों में यह अंतर काफी अधिक था, जिससे खाद्यान्न की हेराफेरी की पुष्टि हुई।
उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था के कारण अब खाद्यान्न में गड़बड़ी छिपाना आसान नहीं है और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
शिकायतों के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ समय से जनसुनवाई, सोशल मीडिया तथा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान राशन वितरण में गड़बड़ी, कम मात्रा में खाद्यान्न देने और रिकॉर्ड में हेराफेरी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पूरे जिले में एक साथ कार्रवाई की रणनीति बनाई गई ताकि किसी भी संचालक को पहले से सूचना न मिल सके।
120 जांच दलों ने निर्धारित समय पर एक साथ निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया, जिससे कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि जिन राशन दुकानों में अनियमितताएं मिली हैं, उनके संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश तथा अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए।
उपभोक्ताओं से शिकायत दर्ज कराने की अपील
कलेक्टर ने जिले के सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि यदि किसी भी राशन दुकान पर कम मात्रा में खाद्यान्न दिया जाए, निर्धारित समय पर दुकान न खोली जाए, राशन देने से मना किया जाए या किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत जनसुनवाई, जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर टिप्पणी के माध्यम से या अधिकारियों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान दें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि शिकायत सही पाई गई तो संबंधित संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और गरीब हितग्राहियों तक उनका अधिकार समय पर पहुंचाने के लिए ऐसे आकस्मिक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
