नरसिंहगढ़ स्थित नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास को मिला नया जीवन, छात्राओं को मिला सुरक्षित व प्रेरक वातावरण

दमोह (मध्य प्रदेश)। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और सामाजिक विकास को नई दिशा देने की पहल करते हुए मायसेम सीमेंट (हेडलवर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड) ने नरसिंहगढ़ स्थित नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास का व्यापक जीर्णोद्धार कराया है। कंपनी द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत कराए गए इस कार्य से छात्रावास की पूरी तस्वीर बदल गई है। पहले जर्जर और असुरक्षित दिखने वाला भवन अब सुरक्षित, व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप में नजर आ रहा है। इस पहल की छात्रावास प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय नागरिकों ने सराहना की है।
जर्जर भवन से सुरक्षित परिसर तक
छात्रावास प्रबंधन समिति और अधीक्षिका के अनुरोध पर मायसेम सीमेंट ने भवन के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी ली थी। इससे पहले छात्रावास की दीवारें जर्जर थीं, छतों में दरारें थीं और कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका था। बरसात के दिनों में छात्राओं और स्टाफ को सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। कंपनी द्वारा कराए गए मरम्मत कार्यों में भवन की संरचनात्मक मजबूती, प्लास्टरिंग, रंगाई-पुताई, मरम्मत, परिसर की साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं का उन्नयन शामिल रहा।जीर्णोद्धार के बाद अब छात्रावास का परिसर सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित हो गया है। बेहतर वातावरण मिलने से यहां निवासरत बालिकाओं में भी उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
प्रेरणादायक संदेशों से सजी दीवारें
मायसेम सीमेंट ने केवल भवन की मरम्मत तक ही कार्य सीमित नहीं रखा, बल्कि छात्राओं के मानसिक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए छात्रावास की दीवारों पर प्रेरणादायक संदेश, शैक्षणिक चित्र और कलाकृतियाँ भी बनवाई हैं। इन पेंटिंग्स में शिक्षा, स्वच्छता, आत्मविश्वास, महिला सशक्तिकरण और देशभक्ति से जुड़े संदेश शामिल हैं। इससे छात्राओं को सकारात्मक माहौल मिल रहा है और अध्ययन के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ रही है।
छात्रावास प्रबंधन ने जताया आभार
जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने के बाद छात्रावास प्रबंधन ने मायसेम सीमेंट को प्रशंसा पत्र प्रदान कर आभार व्यक्त किया। प्रबंधन ने कहा कि पहले भवन की स्थिति काफी खराब थी, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। कंपनी के सहयोग से अब छात्रावास को नया और सुंदर स्वरूप मिला है, जिससे छात्राओं को सुरक्षित वातावरण में रहने और पढ़ाई करने की सुविधा मिली है।प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कंपनी शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में सहयोग करती रहेगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मायसेम सीमेंट की इस पहल को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रावास जैसी सुविधाओं का बेहतर होना बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देता है। सुरक्षित और प्रेरक वातावरण मिलने से छात्राएं बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी।कंपनी के इस प्रयास से न केवल भवन का कायाकल्प हुआ है, बल्कि शिक्षा को प्रोत्साहन देने और बालिका सशक्तिकरण की दिशा में भी सकारात्मक संदेश गया है। क्षेत्र के लोगों ने इसे उद्योग और समाज के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
