नरसिंहपुर। जिला मुख्यालय के मुशरान वार्ड स्थित पटेल नगर की गली नंबर चार सोमवार की सुबह अचानक लगी भीषण आग से दहल उठी। तड़के करीब सुबह 5:30 बजे एक कबाड़ गोदाम में आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के रहवासी दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना में गोदाम संचालक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

जानकारी के अनुसार यह गोदाम महमूद खान के स्वामित्व वाले भूखंड पर टीन शेड डालकर बनाया गया था, जिसे नीलेश पिता जानकी कोरी (34 वर्ष) किराए पर लेकर संचालित कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अचानक भड़की और देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में रखे ज्वलनशील कबाड़, गत्ते और अन्य सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को जानकारी दी। करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गोदाम में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था।गोदाम संचालक नीलेश कोरी ने बताया कि रविवार को ही गोदाम में गत्ता बनाने की नई मशीन लगाई गई थी, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गई। इसके अलावा गोदाम में करीब 7 लाख रुपये मूल्य का गत्ता भी रखा हुआ था, जो जल गया। मशीन, टीन शेड और अन्य सामान को मिलाकर नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।
नीलेश कोरी ने आशंका जताई है कि किसी स्थानीय व्यक्ति ने रंजिश के चलते जानबूझकर आग लगाई है। उन्होंने बताया कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिस तरीके से आग भड़की, उससे साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।राहत की बात यह रही कि आग सुबह के समय लगी, जब हवा की गति कम थी। गोदाम के ठीक बगल में लकड़ी का बड़ा टाल और आसपास घनी आबादी वाले मकान मौजूद हैं। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो पूरा इलाका इसकी चपेट में आ सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं और धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लोगों ने अपने घरों से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया था। हालांकि दमकल की समय पर कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया।फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और साजिश की आशंका को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
