सप्ताह भर प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिया गया सुरक्षा का संदेश
नरसिंहगढ़ (दमोह)/दमोह जिले के नरसिंहगढ़ स्थित एक औद्योगिक इकाई में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह-2026 का समापन समारोह उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुआ। सप्ताह भर चले इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों, अधिकारियों और अनुबंध श्रमिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था। समापन समारोह में यूनिट हेड सुरेश दुबे सहित इकाई की वरिष्ठ नेतृत्व टीम, अधिकारीगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनिट हेड सुरेश दुबे ने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी कार्य संस्कृति है जिसे हर कर्मचारी को अपने व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने इस वर्ष के विषय “सुरक्षा संस्कृति को बढ़ाने के लिए लोगों को शामिल करें, शिक्षित करें और सशक्त बनाएं” को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे तो दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा सप्ताह सात दिनों का कार्यक्रम जरूर है, लेकिन इसकी भावना पूरे वर्ष कार्यस्थल पर दिखाई देनी चाहिए। कर्मचारियों को हमेशा सावधानी, सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
सप्ताह भर आयोजित हुए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम
सुरक्षा प्रमुख चिराग गजेरा के नेतृत्व में पूरे सप्ताह सुरक्षा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित तरीके से कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना था।कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें हॉट वर्क सेफ्टी, अग्निशमन उपकरणों का उपयोग, तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन शामिल रहा। इन अभ्यासों के माध्यम से कर्मचारियों को दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी गई।
फिल्म, जागरूकता सत्र और प्रशिक्षण
सप्ताह के दौरान कर्मचारियों के लिए कई जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इनमें बिहेवियर बेस्ड सेफ्टी पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिससे कर्मचारियों को यह समझाया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।इसके अलावा “एक गलती” नामक विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों को परमिट टू वर्क सिस्टम के बारे में भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी जोखिमपूर्ण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति और सुरक्षा उपायों का पालन किया जा सके।
प्रतियोगिताओं से बढ़ी सहभागिता
सुरक्षा सप्ताह के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इनमें ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज़ प्रतियोगिता, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहनने की प्रतियोगिता तथा बच्चों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।बच्चों की पोस्टर प्रतियोगिता में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी चित्रकला के माध्यम से सुरक्षा का संदेश दिया। इससे कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता का वातावरण बना रहा।
उत्कृष्ट कर्मचारियों का सम्मान
समापन समारोह के दौरान सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सप्ताह भर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।कार्यस्थल की स्वच्छता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ज़ोन-वार हाउसकीपिंग अभियान और “स्पॉट द हजार्ड” प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों को संभावित खतरों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सुरक्षा रैली के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन एक विशाल सुरक्षा रैली के साथ हुआ। इस रैली में प्रबंधन, कर्मचारी और अनुबंध श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और एक सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त वातावरण बनाने में हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसी से सुरक्षित एवं सफल कार्य वातावरण का निर्माण संभव है।
