(आचार्य नारायण वैष्णव)
इंदौर, 24 मार्च। इंदौर सहित मालवा क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कथित कमी को लेकर फैली अफवाहों ने मंगलवार को हालात बिगाड़ दिए। पेट्रोल पंपों पर हजारों वाहनों की भीड़ उमड़ पड़ी, लोगों ने टैंक फुल कराने की होड़ लगा दी और कई स्थानों पर अस्थायी रूप से “स्टॉक खत्म” के बोर्ड लगाने पड़े। हालात ऐसे बने कि सामान्य आपूर्ति व्यवस्था पर अचानक दबाव पड़ गया और अफरातफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोशल मीडिया और मुंहजबानी फैली खबरों ने लोगों में डर पैदा कर दिया। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने लगे, जिससे कृत्रिम संकट की स्थिति बनती नजर आई। कई पेट्रोल पंपों पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी और कर्मचारियों को भीड़ संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।
इस बीच संसद में दिए बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए कच्चे तेल की आपूर्ति 27 से बढ़ाकर 41 देशों से सुनिश्चित की है। साथ ही 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक आपातकालीन भंडारण क्षमता तैयार की जा चुकी है और 65 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है।प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। इसके बावजूद अफवाहों के कारण शहरों में बनी भगदड़ ने प्रशासन की तैयारी और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी भ्रामक खबरें फैलाने वाले कौन हैं और उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? जब सरकार और तेल कंपनियां लगातार पर्याप्त भंडार होने की बात कह रही हैं, तब अफवाहों के सहारे माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है।
इसी बीच कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जहां से लगातार डीलर्स को सप्लाई दी जा रही है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ईंधन आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण अनावश्यक भीड़ देखने को मिल रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें।प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।
